कहते हैं कि 'जीवन' और 'मरण' के रहस्य की गुत्थी सुलझाने की जितनी कोशिश की गई है वह उतनी ही उलझती गई है। अब तक इस रहस्य की उधेड़बुन केवल इंसानों पर केंद्रीत होकर ही की जा रही थी लेकिन अब इसमें जीव-जंतु भी शामिल हो गए हैं। दरअसल, जीव-जंतु जगत से जुड़ी एक हैरान करने वाली बात सामने है कि मौत के रहस्य में सिर्फ इंसान ही नहीं बल्कि जीव-जंतु और पक्षी भी उलझे हुए हैं।
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जातिंगा
जी हां... आपने सही सुना है। भारत में ही एक ऐसी जगह है जहां रातों को परिंदे आत्महत्या करने आते हैं। सुनकर ताज्जुब हुआ न... इस जगह का नाम है जातिंगा। ये असम में दिमा हासो जिले की पहाड़ी घाटी में बसा है। इस रहस्यमयी गांव की कई कहानियां है।
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जातिंगा की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यहां परिंदे केवल आत्महत्या के लिए आते हैं। यह जगह पक्षियों के सुसाइट पॉइंट के रूप में पूरे देश में प्रसिद्ध है। हालांकि यहां अब भी कई ऐसे रहस्य हैं, जो यहां के के लोगों को हैरत में डालते हैं।
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जातिंगा घाटी
माना जाता है कि यहां एक बार अगर अप्रवासी पक्षी आ जाए तो फिर वापस नहीं जा पाते। अक्टूबर और नवंबर महीने के दौरान अंधेरी रातों में यहां बहुत ही अजीबोगरीब किस्से होते हैं। यहां के लोग पक्षियों की मौत के पीछे यहां की रहस्मय ताकतों से जोड़कर देखते हैं। पक्षियों के खुदखुशी करने की शुरुआत सितंबर माह से ही शुरू हो जाती है। माना जाता है कि यहां एक बार कोई परिंदा आ जाए तो फिर वह वापस लौटकर नहीं जा पाता।
अक्टूबर और नवंबर महीने की अंधेरी रातों में यहां बहुत ही अजीबोगरीब घटनाएं होती हैं। दरअसल, इसी समय पक्षियों के आत्महत्या करने के मामले अधिक देखने को मिलते हैं। जबकि विज्ञान के मुताबिक गहरी घाटी में बसे होने के कारण जातिंगा में तेज बारिश के दौरान पक्षी यहां से उड़ने की कोशिश करते हैं तो वह पूरी तरह से गीले हो जाते हैं और उनको उड़ने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। खतरों से भरी इस घाटी में रात में जाना मना है।