Blue Moon 2024: 19 अगस्त 2024 यानी रक्षा बंधन का दिन खगोलीय घटनाओं में दिलचस्पी रखने वालों के लिए बेहद खास था। सोमवार की रात को साल का पहला सुपर मून दिखाई दिया। यह ब्लू सुपरमून था। सुपर मून और ब्लू मून जब एक साथ होते हैं तो उसे स्टर्जन सुपरमून कहा जाता है। यह सुपरमून आधी रात को सबसे बड़ा और अधिक चमकीला दिखाई दिया। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के मुताबिक, इस दुर्लभ ब्लू सुपरमून को अगले तीन दिनों तक यानी बुधवार तक देखा जा सकता है। आज हम आपको अपनी इस खबर में ब्लू मून के बारे में बताते हैं।
सुपरमून क्या होता है?
दरअसल, धरती के चारों ओर चांद गोलाकार रास्ते में चक्कर नहीं लगाता, बल्कि चांद की कक्षा अंडाकार है, जिसकी वजह से चांद पृथ्वी का चक्कर लगाते समय कभी धरती से बेहद दूर होता है, तो कभी पास। चांद की कक्षा का वह प्वाइंट जहां से चांद पृथ्वी के सबसे नजदीक होता है, उसे पेरिजी कहा जाता है। वर्तमान समय में चांद की की धरती से करीब 3 लाख 63 हजार 104 किलोमीटर दूरी है। इसके अलावा जब पृथ्वी से चांद सबसे दूर के प्वाइंट पर होता है तो उस प्वाइंट को एपोजी कहा जाता है। उस दौरान पृथ्वी से चांद की दूरी 4 लाख 5 हजार किलोमीटर होती है।