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Space News: अब रात में भी होगा दिन और चमकेगा सूर्य, जानिए आखिर ऐसा क्या होना वाला है

Wed, 18 Mar 2026 05:13 PM IST
Dharmendra Kumar Singh फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Space News: अमेरिका के कैलिफोर्निया में स्थित स्टार्टअप रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल ने एक प्रोजक्ट तैयार की है। इसके मुताबिक, रात में भी सूरज की रोशनी चमकेगी और दिन जैसा नजारा दिखेगा। आइए जानते हैं इससे जुड़ी कुछ जरूरी बातें। 

 
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अब रात में भी होगा दिन और चमकेगा सूर्य - फोटो : Adobe Stock
Space News: क्या रात में भी सूरज दिन की तरह चमक सकता है? क्या रात में भी लोगों को सूरज की रोशनी मिल सकती है? तो इस सवाल का जवाब है हां, क्योंकि इसे सच साबित करने की तैयारी चल रही है। दरअसल, अंतरिक्ष में एक कंपनी 50,000 विशाल दर्पण लगाएगी। इससे सौर ऊर्जा फार्मों को 24 घंटे धूप मिल सकेगी। 

अमेरिका के कैलिफोर्निया में स्थित स्टार्टअप रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल ने अंतरिक्ष से पृथ्वी पर सूर्य की रोशनी भेजने की एक महत्वाकांक्षी योजना बनाई है। कंपनी का पृथ्वी की कक्षा में 50,000 विशाल दर्पण स्थापित करने का लक्ष्य है। इससे रात में भी सौर ऊर्जा फार्मों और विशिष्ट क्षेत्रों को रोशनी मिलेगी

यह कंपनी कैलिफोर्निया के हॉथोर्न में स्थित है, जिसने एक प्रोटोटाइप तैयार किया है। यह एक छोटे फ्रिज के आकार का उपग्रह है, जिसमें 60 फीट चौड़ा एक मुड़ने वाला दर्पण लगाया गया है। यह दर्पण अंतरिक्ष से सूर्य की किरणों को परावर्तित करेगा और धरती पर लगभग तीन मील चौड़े क्षेत्र में रोशनी फैलाएगा।
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अब रात में भी होगा दिन और चमकेगा सूर्य - फोटो : Adobe Stock
कितनी होगी कीमत? 

हालांकि, इस कृत्रिम धूप का लाभ उठाने के लिए मोटी रकम चुकानी पड़ेगी। अगर कोई ग्राहक सालभर के लिए 1,000 घंटे का अनुबंध करता है, तो उसको एक घंटे की रोशनी के लिए करीब 4.6 लाख रुपये देने होंगे। कंपनी ने अभी तक निवेशकों से 28 अरब डॉलर से ज्यादा की राशि जुटा ली है। 
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क्या है कंपनी का मकसद? - फोटो : Adobe Stock
कंपनी का क्या है पूरा प्लान? 

अमेरिकी कंपनी रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल ने इस अनोखे प्रोजक्ट पर काम करना शुरू कर दिया है। कंपनी का धरती के चारों तरफ करीब 50000 विशाल दर्पण लगाने का लक्ष्य है। यह दर्पण रात में सूरज की रोशनी को पृथ्वी पर रिफ्लेक्ट करेंगे। शुरुआत में फिलहाल कंपनी एक छोटा प्रोटोटाइप लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। इसमें करीब 60 फीट चौड़ा शीशा लगा होगा, जिससे 3 मील यानी करीब 5 किलोमीटर का क्षेत्र रोशन होगा। जमीन से यह किसी चमकते तारे या फुल मून की तरह दिखेगा। 

सीईओ बेन नोवाक ने कंपनी के उद्देश्य के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि कंपनी का मकसद ऐसा सिस्टम बनाने का है, जो आने वाले समय में ऊर्जा के नए विकल्प दे सके और फॉसिल फ्यूल पर निर्भरता कम हो। अगर पहला प्रयोग सफल हो जाता है, तो आने वाले कुछ वर्षों में कंपनी हजारों सैटेलाइट लॉन्च कर सकती है। 

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अब रात में भी होगा दिन और चमकेगा सूर्य - फोटो : Adobe Stock
कंपनी का 2030 तक 5000 सैटेलाइट लॉन्च करने का लक्ष्य

साल 2028 तक कंपनी का लक्ष्य करीब 1000 सैटेलाइट लॉन्च करने का है। इसके बाद कंपनी ने 2030 तक  5000 सैटेलाइट लॉन्च करने का लक्ष्य रखा है। भविष्य में बड़े दर्पण लगाए जाएंगे, जो लगभग 180 फीट चौड़े होंगे। यह एक साथ मिलकर 100 फुल मून के बराबर रोशनी पैदा करेंगे। 

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कहां-कहां होगा रोशनी का इस्तेमाल - फोटो : Adobe Stock

कहां-कहां होगा रोशनी का इस्तेमाल? 

अब सवाल है कि आखिर इस तकनीक कहां-कहां इस्तेमाल किया जाएगा। तो आपको बता दें कि आपातकालीन स्थितियों, बड़े कार्यक्रमों और सोलर फार्म्स को रोशनी के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, इसके लिए एक साथ कई सैटेलाइट्स को काम करना होगा। इससे लागत और जटिलताएं दोनों बढ़ सकती हैं। 

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अब रात में भी होगा दिन और चमकेगा सूर्य - फोटो : Adobe Stock
वैज्ञानिक उठा रहे हैं सवाल

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका कंपनी के इस प्रोजेक्ट को लेकर कई वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि दर्पण की रोशनी से हवाई जहाज के पायलट्स प्रभावित हो सकता है। साथ खगोल विज्ञान को प्रभावित कर सकती है। इंसानों और जानवरों की जैविक घड़ी पर प्रभाव पड़ सकता है। जानवरों के व्यवहार, प्रजनन और माइग्रेशन को पभावित कर सकती है। 
 
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