सूर्य इस धरती के लिए प्रकश का एक बहुत बड़ा प्राकृतिक स्त्रोत है। पूरी दुनिया को इससे रोशनी मिलती है, जो धरती पर रहने वाले सभी प्राणियों के जीवन के लिए बहुत ही जरूरी है। अगर धरती पर सूर्य की किरणें न पहुंचे तो सभी के जीवन पर संकट खड़ा हो सकता है। ऐसे में अगर ये कहा जाए कि बिना सूर्य के जीवन संभव ही नहीं है, तो यह गलत नहीं होगा। दुनियाभर के वैज्ञानिक भी सूर्य के महत्व को बता चुके हैं और समय-समय पर अध्ययन से इसके बारे में नई बातें बताते भी रहते हैं। इसी कड़ी में नए अध्ययन में ये पाया गया है कि सूर्य का भी एक निश्चित जीवन काल है और समय आने पर ये भी ठंडा हो जाएगा। हार्वर्ड कॉलेज ऑब्जवेंट्री, स्मिथसोनियन एस्ट्रोफिजिकल ऑब्जवेंट्री और द सेंटर फॉर एस्ट्रोफिजिक्स के वैज्ञानिकों ने बताया कि आने वाले 5 बिलियन सालों में सूर्य का जीवन समाप्त हो जाएगा। ये पूरी तरह से ठंडा हो जाएगा। जानकारों के अनुसार, सूरज अभी अपने जीवन के मध्यकाल में है। इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे वैज्ञानिक पाओला टेस्टा के अनुसार, सूर्य के जीवनचक्र की गणना के लिए उसमें हो रहे न्यूक्लियर रिएक्शन को आधार माना गया है। पाओला बताते हैं कि इसी रिएक्शन को आधार मानकर सूर्य के जीवनकाल के अंत की तारीख तय की गई है। आइए जानते हैं विस्तार से...