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Namibia Fairy Circles: जानिए क्या है नामीबिया के जादुई गोलों का रहस्य, वैज्ञानिकों ने किया चौंकाने वाला खुलासा

Wed, 02 Nov 2022 02:01 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
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जानिए क्या है नामीबिया के 'जादुई गोलों' का रहस्य - फोटो : iStock
Namibia Fairy Circles: नामीबिया तट से 80 से 140 किलोमीटर की दूरी पर नामीब रेगिस्तान (Namib Desert) स्थित है। इस रेगिस्तान के आसपास के इलाकों में बेहद कम बारिश होती है। लेकिन इसके बावजूद यहां पर ऊबड़-खाबड़ जमीन पर घास जमी हुई है। इस इलाके का वातावरण काफी कठोर है। इसलिए यहां पर घास उगने से वैज्ञानिक हैरत में पड़ जाते हैं। 

ऊबड़-खाबड़ जमीन पर उगी ये घासें अपने अंदर कई रहस्य को समेटे हुए हैं। घास के इस मैदान में अजीबगरीब गोले बने हुए हैं जिनके अंदर घास या कोई दूसरा पौधा नहीं है। दूर से देखने पर ये पोल्का डॉट पैटर्न की तरह दिखते हैं जिन्हें फेयरी सर्कल्स (Fairy Circles) कहा जाता है। कई मील दूर से ही ये रहस्यमयी गोले और घेर दिखने लगते हैं। 2 से 10 मीटर तक एक सामान्य फेयरी सर्कल बड़ा हो सकता है। इसके अलावा अन्य घेरों से इसकी दूरी 10 मीटर होती है। 
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Namibia Fairy Circles - फोटो : Namibia Fairy Circles
नामीबिया के इन गोलों के रहस्य को वैज्ञानिक काफी लंबे समय से सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए दो बेहद अहम थ्योरी दी गई है। पहला ये गोले जड़ों को खाने वाले दीमक के कारण बनते हैं, दूसरा घास की उपलब्धता बनाने के लिए खुद को व्यवस्थित करती हैं। 

वैज्ञानिक इन दोनों थ्योरी को लेकर आश्वस्त थे, लेकिन साल 2016 आॅस्ट्रेलिया में भी ऐसे ही गोले देखे गए थे। हैरानी वाली बात यह इस जगह पर दीपक नहीं थे। इसकी वजह से थ्योरी पर भरोसा करना कठिन हो गया। 
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जानिए क्या है नामीबिया के 'जादुई गोलों' का रहस्य - फोटो : iStock

अब हाल ही में एक रिसर्च से दूसरी थ्योरी को मजबूती मिली है। इसमें घास बारिश का अधिक फायदा उठाने के लिए ऐसे गोले बनाती है। जर्मनी की गोएटिंगेन यूनिवर्सिटी में ईकोसिस्टम मॉडलिंग डिपार्टमेंट के स्टीफ़न गेटजिन ने साल 2020 में यह रिसर्च किया है जो जर्मनी की गोएटिंगेन यूनिवर्सिटी में ईकोसिस्टम मॉडलिंग डिपार्टमेंट के स्टीफ़न गेटज़िन में प्रकाशित किया गया है। यह रिसर्च पानी की कमी वाले परिदृश्य का समर्थन कर रहा है। शोधकर्ताओं ने इसे ट्यूरिंग पैटर्न का उदाहरण बताया जा रहा है। 

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Namibia Fairy Circles - फोटो : iStock
गेटजिन और उनकी टीम ने अपनी नई रिसर्च के लिए नामीबिया गई थी और नामीब रेगिस्तान में 10 इलाकों के फेयरी सर्कल की जांच पड़ताल की। शोधकर्ताओं ने बताया कि नामीब रेगिस्तान में बेहद कम बारिश होती है। 

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जानिए क्या है नामीबिया के 'जादुई गोलों' का रहस्य - फोटो : iStock
उनका कहना है कि कभी-कभी बारिश के तुरंत बाद फेयरी सर्कल में घास नजर आती है और वह जल्द ही सूख जाती है, लेकिन किनारों की घास सही रहती है। इसकी जांच की कि बारिश के बाद घास क्यों और किस परिस्थित में सूख जाती है।
 
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जानिए क्या है नामीबिया के 'जादुई गोलों' का रहस्य - फोटो : iStock
शोध में पता चला कि बारिश के दस दिन बाद, फेयरी सर्कल में कम घास उगी थी और वह सूख रही थी। सर्कल के अंदर उगी घास बारिश के 20 दिन बाद सूख गई थी जबकि बाहर की घास हरी थीं। बाहर वाली घास पानी की खोजने की कोशिश कर रही थी। शोधकर्ताओं ने जड़ों पर दीमक लगने के सबूत नहीं पाए। 
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जानिए क्या है नामीबिया के 'जादुई गोलों' का रहस्य - फोटो : iStock

गेटजिन ने बताया कि सर्कल के अंदर उगी घास का पानी खत्म हो रहा है। इसलिए वह अपनी जड़ों की चारों तरफ नम मिट्टी के वैक्यूम या खाली जगह बनाती हैं जिसकी वजह पानी उनकी तरफ खींचता है।
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