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Scientific Facts: इंसानों ने कब खाना शुरू किया चिकन? पहले माना जाता था इसे 'पवित्र'

Fri, 10 Jun 2022 01:29 PM IST
ज्योति मेहरा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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चिकन से क्या हैं इंसानों के संबंध? - फोटो : istock
Scientific Facts: चिकन बिरयानी, चिकन मोमोज, चिकन कबाब, मुर्गा भात, नॉन वेज लवर्स के मुह में ये सुनकर अब तक पानी आ गया होगा। दुनियाभर में लोग चिकन के दीवाने हैं। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि आखिर चिकन को इंसानों ने खाना कब शुरू किया? दरअसल, मुर्गे को खाने से पहले इंसानों ने उसे पालना शुरू किया था। लेकिन सवाल ये भी है कि आखिर इन्हें पालना कब शुरू किया और क्यों? जाहिर है इंसानों को पहले मुर्गे का स्वाद नहीं पता था, फिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि मुर्गा इंसानो के लिए एक पसंदीदा व्यंजन बन गया। इसी बात की तह तक जाने के लिए यूरोप के वैज्ञानिकों ने दुनियाभर के कई देशों में रिसर्च की।

घरेलू तौर पर सबसे ज्यादा पाला जाता मुर्गा
पहले हुई स्टडी में ये बात सामने आई कि मुर्गे को पालने की परंपरा 10 हजार साल पहले एशिया में खासतौर से चीन, दक्षिण-पूर्व एशिया या भारत में शुरू हुई थी। बाद में ये कहा गया कि यूरोप में 7000 साल पहले चिकन खाना शुरू किया गया। दरअसल, मुर्गा इकलौता ऐसे जीव है, जिसे घरेलू तौर पर सबसे ज्यादा पाला जाता है, चाहे खाने के लिए हो या अंडों के लिए।
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चिकन से क्या हैं इंसानों के संबंध? - फोटो : istock
वहीं यूरोपियन रिसर्चर्स ने इस बात के पुख्ता सबूत दिए हैं कि मुर्गे को घरेलू तौर पर पालने की शुरुआत इंसानों ने 1500 ईसा पूर्व के आसपास यानी आज से करीब 3522 साल पहले शुरू की थी। रिसर्च में मिले सबूत के अनुसार इन्हें सबसे पहले लाओस (Laos), कंबोडिया (Cambodia), वियतनाम (Vietnam), म्यांमार (Myanmar) और थाईलैंड (Thailand) में पाला गया था। 
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चिकन से क्या हैं इंसानों के संबंध? - फोटो : istock
किया मुर्गों के अवशेषों का अध्ययन
वैज्ञानिकों ने अपनी स्टडी के लिए 89 देशों के 600 आर्कियोलॉजिकल स्थानों की जांच की,.उन्होंने वहां से मिले मुर्गों के अवशेषों का अध्ययन शुरू किया। ऐसे में मध्य थाईलैंड के वाट बान नॉन इलाके में मिली सबसे पुराने घरेलू मुर्गों की हड्डियां नियोलिथिक काल (Neolithic Era) यानी 1250 से 1650 ईसा पूर्व के बीच की हैं। 

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चिकन से क्या हैं इंसानों के संबंध? - फोटो : istock
इससे ये साबित होता है कि मुर्गों को पालने की कहानी आधुनिक दुनिया से ज्यादा पुरानी नहीं है। इसलिए माना जा रहा है कि 10 हजार साल पहले वाली बात गलत है। अब मुर्गों और इंसानों के बीच बने संबंध के बारे में बात करें तो असल में इसकी वजह चावल की खेती है। 
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चिकन से क्या हैं इंसानों के संबंध? - फोटो : istock
मुर्गों और इंसानों के बीच कैसे बने संबंध? 
आम तौर पर लोग चिकन को चावल के साथ ही खाना अधिक पसंद करते हैं। मुर्गा-भात, चिकन बिरयानी जैसे कई व्यंजन लोगों को खूब भाते हैं। इसके अलावा एक संबंध ये भी है कि जैसे-जैसे चावल की खेती बढ़ती गई, जंगलों से रेड जंगल फाउल (Red Junglefowl) इंसानों के करीब आने लगे।
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चिकन से क्या हैं इंसानों के संबंध? - फोटो : istock
घरेलू मुर्गों में बदल गए रेड जंगल फाउल
दरअसल, रेड जंगल फाउल मुर्गों जैसे दिखने वाला एक पक्षी हैं, जो असल में चावल की चोरी करने के लिए आते थे। लेकिन धीरे-धीरे इनके और इंसानों के बीच अच्छे संबंध बन गए। इंसानों ने रेड जंगल फाउल की दो प्रजातियों को पालतू बनाया, जो बाद में घरेलू मुर्गों में बदल गए।
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चिकन से क्या हैं इंसानों के संबंध? - फोटो : istock
हालांकि, अब तक लोगों के मन में मुर्गों और इंसानों के संबंधों को लेकर कई तरह की गलत धारणाएं थीं। वहीं अब इस स्टडी के जरिए लोगों को कई सवालों का जवाब मिल गया है। 
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