तो क्या धरती का अंत निश्चित है..? क्या धरती जलमग्न हो जाएगी..? क्या भविष्य में ऐसा प्रलय आएगा जहां चारों ओर पानी ही पानी होगा..? इन सभी सवालों का जवाब एक अध्यययन में सामने निकल कर आया है। इसके बारे में जानकर आपके भी होश उड़ जाएंगे।
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जी हां, एक शौध में चौंकाने वाली बात यह पता चली है कि वर्तमान सदी में दुनियाभर के ग्लेशियरों को पिघलने से रोका नहीं जा सकता। वैज्ञानिक ये मान बैठे हैं कि ग्लेशियर पिघलने से कोई नहीं रोक सकता।
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‘जर्नल नेचर क्लाइमेट चेंज’ नामक एक पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार जलवायु परिवर्तन के लिए ग्लेशियरों की धीमी प्रतिक्रिया के कारण मानव गतिविधि का वर्तमान सदी पर एक गहरा प्रभाव पड़ेगा।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जर्मनी में ब्रीमेन यूनिवर्सिटी और ऑस्ट्रिया में इंसब्रुक यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने पर इन जलवायु परिवर्तन की गणना की है।