Science News: यूरोपा बृहस्पति ग्रह के सबसे बड़े चद्रमाओं में शामिल है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने यूरोपा को लेकर बड़ा खुलासा किया है। वैज्ञानिकों को उम्मीद थी कि इस उपग्रह पर धरती की तरह जीवन हो सकता है। इसकी मुख्य वजह यूरोपा के सतह पर पानी और ऑक्सीजन की उपस्थिति को माना गया था। अब जानकारी सामने आई है कि जीवन को बनाकर रखने के लिए यूरोपा पर पर्याप्त ऑक्सीजन का उत्पादन नहीं होता है।
नासा का जूनो अंतरिक्ष यान बृहस्पति की परिक्रमा करता है, जिसके हाल के प्राप्त आंकड़ों से पता चला है कि ग्रह के चंद्रमा में कुछ छिपा है, तो ऑक्सीजन की कमी हो सकती है। यह खोज साइंस जर्नल नेचर एस्ट्रोनॉमी में प्रकाशित की गई थी, जो सितंबर 2022 में बृहस्पति की परिक्रमा करते हुए जूनो अंतरिक्ष यान से भेजे गए डेटा के विश्लेषण पर आधारित थी। आइए जानते हैं नए खुलासे के बारे में...