Science News: पूरी दुनिया में तापमान वृद्धि हो रही है। वैज्ञानिकों ने साल 2023 को सबसे गर्म साल घोषित किया है। इसके बाद वह धरती को अस्थाई रूप से ठंडा करने की तरीका तलाश रहे हैं। वैज्ञानिकों ने धरती की गर्मी को करने के लिए क्लाउड ब्राइटनिंग का इस्तेमाल किया है। इस तकनीक से बादलों को उज्ज्वल बनाया जाता है, जिससे धूप के एक छोटे से अंश को प्रतिबिंबित किया जाए। इससे धरती पर किसी एक इलाके के तापमान को कम किया जा सकता है।
तापमान होगा कम?
अगर यह तकनीक सफल हो जाती है, तो धरती के कई इलाकों में इसका व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है। वैज्ञानिकों ने प्रौद्योगिकी का उद्देश्य के बारे में बताया कि समुद्र के तापमान को कम करने के लिए महासागरों के ऊपर आकाश में कई उपकरण स्थापित करना है। बीते कुछ दशकों में ग्लोबल वार्मिंग की वजह से धरती का तापमान लगातार बढ़ रहा है। इसकी वजह से समुद्र का पानी भी गर्म हो रहा है। इसके साथ ही पहाड़ों पर मौजूद ताजे पानी के ग्लेशियर भी पिघल रहे हैं। कई वैज्ञानिकों ने शोध में चिंता जाहिर की है कि अगर तापमान ऐसा ही बढ़ता रहा तो इससे धरती पर तबाही मच सकती है।