सद्दाम हुसैन
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सद्दाम की सुरक्षा में लगे एक अमेरिकी सैनिक ने उनको बताया था कि उसके भाई की मौत हो गई है। यह सुनकर सद्दाम ने उसे गले लगाते हुए कहा था, 'आज से तुम मुझे अपना भाई समझो।' सद्दाम ने एक और सैनिक से कहा था कि अगर मुझे मेरे धन का इस्तेमाल करने की अनुमति मिल जाए, तो मैं तुम्हारे बेटे की कॉलेज की शिक्षा का खर्चा उठाने के लिए तैयार हूं।
एक रात सब ने बीस साल के सैनिक डॉसन को एक खराब नाप के सूट में घूमते हुए देखा। पता चला कि डॉसन को सद्दाम ने अपना वो सूट तोहफे में दिया है। बार्डेनवर्पर लिखते हैं कि, 'कई दिनों तक हम डॉसन पर हंसते रहे, क्योंकि वो उस सूट को पहनकर इस तरह चला करता था, जैसे वो किसी फैशन शो की 'कैटवॉक' में चल रहा हो।'
सद्दाम और उनकी सुरक्षा में लगे गार्डों के बीच दोस्ती पनपती चली गई, हालांकि उन्हें साफ आदेश थे कि सद्दाम के नजदीक आने की बिल्कुल भी कोशिश न की जाए। हुसैन को उनके मुकदमे के दौरान दो जेलों में रखा गया था। एक तो बगदाद में अंतरराष्ट्रीय ट्राइब्यूनल का तहखाना था और दूसरा उत्तरी बगदाद में उनका एक महल था जो कि एक द्वीप पर था, जिस पर एक पुल के जरिए ही पहुंचा जा सकता था।बार्डेनवर्पर लिखते हैं, 'हमने सद्दाम को उससे ज्यादा कुछ नहीं दिया जिसके कि वो हकदार थे। लेकिन हमने उनकी गरिमा को कभी आहत नहीं किया।' स्टीव हचिंसन, क्रिस टास्कर और दूसरे गार्डों ने एक स्टोर रूम को सद्दाम के दफ्तर का रूप देने की कोशिश की थी।