प्रतीकात्मक तस्वीर
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केवल तीन निशान
डॉ डोब्रोवोल्स्काया ने बताया कि पुराने समय में ट्रेपैनेशन से बच जाने की दर काफी अधिक थी। इस तथ्य के बावजूद भी यह व्यक्ति इस मामले में खुशकिस्मत नहीं था और बच नहीं सका होगा। पाषाण युग के पुरातत्वविज्ञान शोधकर्ता ओलेस्या उस्पेन्स्काया का कहना है कि उस समय के चिकित्सकों ने तीन तरह के निशान शरीर पर छोड़े थे, जो अलग-अलग तरह के पत्थर के चाकू से लगे थे। शोधकर्ताओं के अनुसार, दिमाग की शल्य क्रिया का उपयोग उस जमाने में गंभीर सिरदर्द, हेमाटोमा, सिर के घाव या मिरगी के इलाज के लिए की जाती रही होंगी।