फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Russia Ukraine War: यूक्रेन की इस ताकतवर महिला से कांपता था रूस, जानिए यूलिया तेमोसेंकोवा के बारे में

Fri, 18 Mar 2022 04:47 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 8
यूक्रेन की इस ताकतवर महिला से कांपता था रूस - फोटो : Twitter @uncle_authority
रूस-यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध खत्म होता नहीं दिख रहा है। रूसी सेना यूक्रेन के कई शहरों में भीषण हमले कर रही है। इन हमलों में यूक्रेन को भारी नुकसान हुआ है। रूस के इस हमले का यूक्रेन कड़ा प्रतिरोध कर रहा है। रूस ने कभी नहीं सोचा होगा कि उसके सामने यूक्रेन इतने दिन तक टिकेगा। इस जंग में रूस के सामने यूक्रेन झुकने को तैयार नहीं है। अब इस युद्ध के बीच यूक्रेन में लोग एक ताकतवार महिला को याद कर रहे हैं। यह महिला अपने शासन में रूस से कभी नहीं डरीं। 

इनका नाम यूलिया तेमोसेंकोवा है जो यूक्रेन की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं। यूलिया तेमोसेंकोवा ने रूस का हर मोर्च पर सामना किया और उसको करारा जवाब दिया। यूक्रेन के लोगों के मुताबिक, इस समय यूक्रेन में रूस घुसकर हमला कर रहा है, लेकिन यूलिया तेमोसेंकोवा रूस से कभी नहीं डरीं। जानकारों का कहना है कि शायद यूलिया तेमोसेंकोवा के हाथों में यूक्रेन की सत्ता होती तो यह दिन कभी नहीं आता। 
विज्ञापन

2 of 8
यूक्रेन की इस ताकतवर महिला से कांपता था रूस - फोटो : Twitter @uncle_authority
यूक्रेन की प्रधानमंत्री रहते हुए यूलिया ने रूस को हमेशा सख्त जवाब दिया और वह कभी नहीं डरीं। उनके कार्यकाल के दौरान यूक्रेन की एक इंच जमीन पर रूस कब्जा नहीं कर पाया। बताया जाता है कि वह इतनी सख्त थीं कि रूस जैसा देश उनसे डरता था। 
विज्ञापन

3 of 8
यूक्रेन की इस ताकतवर महिला से कांपता था रूस - फोटो : Twitter @CBackroom

गैस क्वीन के नाम से भी यूलिया जानी जाती हैं। वह यूक्रेन की सफल उद्यमी महिलाओं में शामिल थीं। वह बड़े स्तर पर गैस का व्यापार करती थीं जिसकी वजह से उनको गैस क्वीन का नाम मिला। यूक्रेन की दो बार प्रधानमंत्री रहीं यूलिया को साल 2005 में पहली बार प्रधानमंत्री की कुर्सी मिली और इसके बाद वह 2007 से 2010 तक यूक्रेन की प्रधानमंत्री रहीं। 

4 of 8
यूक्रेन की इस ताकतवर महिला से कांपता था रूस - फोटो : Twitter @lennylaw

यूक्रेन की प्रधानमंत्री बनने से पहले वह साल 2004 में देश के राष्ट्रपति विक्टर यूश्नकोव के खिलाफ ऑरेंज रिवोल्यूशन मुहिम में शामिल हुई थीं। कहा जाता है कि 2004 में राष्ट्रपति चुनाव जीतने वाले विक्टर यूश्नकोव रूस के समर्थक थे। यूलिया और विपक्ष के नेताओं ने उन पर चुनाव में धांधली का आरोप लगाया था।
विज्ञापन

5 of 8
यूक्रेन की इस ताकतवर महिला से कांपता था रूस - फोटो : Twitter @uncle_authority

इसके खिलाफ यूक्रेन में ‘ऑरेंज रिवोल्यूशन’शुरू किया गया। यूलिया ही विक्टर के विरोध की अगुवाई कर रही थीं।  यूलिया की पार्टी के झंडे के रंग पर इस विरोध को ऑरेंज रिवोल्यूशन नाम मिला, क्योंकि उनकी पार्टी के झंडे का रंग ऑरेंज था। 
विज्ञापन

6 of 8
यूक्रेन की इस ताकतवर महिला से कांपता था रूस - फोटो : Twitter @RealBen_Falcon

यूलिया इस अभियान से पीछे नहीं हटीं, क्योंकि उनको जनता का समर्थन हासिल था। इसकी वजह से वह जीत गई हैं और विक्टर देश छोड़कर भाग गए। इसके बाद यूक्रेन में साल 2010 में राष्ट्रपति का चुनाव हुआ जिसमें यूलिया ने हिस्सा लिया, लेकिन वह करीब तीन फीसदी वोटों से विक्टर यूश्नकोव से हार गईं। 
विज्ञापन

7 of 8
यूक्रेन की इस ताकतवर महिला से कांपता था रूस - फोटो : Twitter @6Astatechamp
विक्टर ने जीत के बाद साल 2004 में हुए आंदोलन में शामिल होने की वजह से यूलिया के खिलाफ बदले की कार्रवाई की और उनको गैस डील भष्टाचार के आरोप में जेल में डाल दिया। कहा जाता है कि वह 2011 से 2014 तक जेल में रहीं और इस दौरान उनको प्रताड़ना झेलनी पड़ी। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। जेल में रहने के दौरान अमेरिका समेत दुनिया के देशों ने उनका समर्थन किया। 
विज्ञापन

8 of 8
यूक्रेन की इस ताकतवर महिला से कांपता था रूस - फोटो : Twitter @CBackroom

साल 2019 में भी उन्होंने चुनाव में किस्मत आजमाई, लेकिन वह तीसरे स्थान पर रहीं। हालांकि वह सांसद चुनी गई थीं। जब वह सिर्फ तीन साल की थीं, तो उनके पिता ने उनकी मां को तलाक दे दिया था। इसके बाद यूलिया ने अपने नाम में मां का सरनेम दिया। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें