अफगानिस्तान से अमेरिका और नाटो सेना की वापसी शुरू हो गई है। लगभग दो दशक (20 साल) बाद अमेरिकी सैनिकों की वापसी होने के साथ ही अफगानिस्तान में आतंक का दूसरा नाम तालिबान का कब्जा फिर से शुरू हो गया है। हालांकि, तालिबान द्वारा कई जिलों को अपने नियंत्रण में लाने के लिए चलाए जा रहे विजय अभियान को बादगीस प्रांत के कला-ए-नव शहर में रोक दिया गया है। यहां कब्जा जमा चुके तालिबान से अफगान बलों ने शहर को दोबारा अपने नियंत्रण में ले लिया है। इस दौरान तालिबान को शहर से खदेड़ने में कम से कम 69 आतंकवादी मारे गए और 23 घायल हो गए। इन सब चीजों को देखकर अब फिर से तालिबान के दोबारा उभरने का डर गहरा चुका है, जिससे पड़ोसी देश पाकिस्तान समेत भारत को भी खतरा है।
अफगानिस्तान और तालिबान के पेच समझने से पहले हम एक बार पूरी कहानी समझते हैं कि आखिर अमेरिकी सेना अफगानिस्तान क्यों पहुंची और अब वापस क्यों लौट रही है?