मुर्गे का नाम सुनते ही आपकी आंखों के सामने एक सफेद रंग के पक्षी की तस्वीर उभर आती है। लेकिन क्या आपको पता है एक ऐसे मुर्गे के बारे में जो बाहर से ही नहीं अंदर से भी काला है। ज़ाहिर सी बात है कि ये अलग नस्ल का मुर्गा है। जिसका रंग-रूप सामान्य मुर्गे से एकदम अलग है। चलिए जानते हैं इस मुर्गे में क्या है खास।
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यू.एस. के एक मुर्गी फार्म में एक विदेशी नस्ल का ऐसा मुर्गा पकड़ा गया है जो पूरी तरह से काला है। जाँच करने पर पाया गया कि ये याम सिमानी नस्ल का मुर्गा है। जो बाहर से काला तो है ही बल्कि इसके अंदर के सभी अंग भी काले हैं।
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इस तरह के मुर्गे ख़ास तौर पर जावा आइलैंड, इंडोनेशिया में पाए जाते हैं। ख़ैर..रंग परिवर्तन का मुख्य कारण शरीर में उपस्थित डीएनए की वजह से होता है। इस तरह का मुर्गा दो अलग अलग डीएनए के मेल से बनता है और इसी कारण इसका मांस, हड्डी यहां तक की जीभ भी काले रंग की होती है।
यही नहीं इसका रंग काला होने की वजह से इस मुर्गे को लोगों ने खास बना दिया है, चलिए जानते हैं इसकी खासियत।
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इन मुर्गों को खाने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाता बल्कि इन्हें लोग धार्मिक नजर से देखते और मानते हैं, लोग इन्हें ईश्वर का रूप और दूत मानते हैं। यही नहीं इस मुर्गे को भाग्य का प्रतीक माना जाता है। इंडोनेशिया में इस प्रजाति को मारना प्रतिबंधित है। इसे केवल पालने की अनुमति है। इस देश में इसे धर्म का प्रतीक भी माना जाता है।
असल में इस नस्ल के मुर्गे इंडोनेशिया में ही पाए जाते हैं और यू.एस में इन्हें आयत करने पर पाबन्दी लगा रखी है। ये बहुत ही दुर्लभ और महंगी प्रजाति के मुर्गे हैं। इस मुर्गे के नवजात शिशु की कीमत होती है करीब 199 डॉलर। कई जगह इस प्रजाति से मिलते जुलते मुर्गे भी धोखे से बेचे जाते हैं...