दुनिया में एक ऐसी भी जगह है, जहां लोग जानवरों की तरह लोहे के पिंजरों में रहते हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि भला ऐसा क्यों है, इसके पीछे की वजह क्या है? तो चलिए बताते हैं कि आखिर लोग जानवरों की तरह पिंजरे में रहने को क्यों मजबूर हैं?
विज्ञापन
2 of 5
हांगकांग में लोहे के पिंजरे में रहते हैं लोग
- फोटो : Social media
इस देश का नाम है हांगकांग। यहां लोग लोहे से बने पिंजरे में रहते तो हैं, लेकिन ये भी लोगों को आसानी से नहीं मिलती हैं। इसके लिए भी उन्हें कीमत चुकानी पड़ती है। बताया जाता है कि एक पिंजरे की कीमत लगभग 11 हजार रुपये है। इन पिंजरों को खंडहर हो चुके मकानों में रख दिया जाता है।
विज्ञापन
3 of 5
हांगकांग में लोहे के पिंजरे में रहते हैं लोग
- फोटो : Social media
पिंजरों के अंदर एक-एक अपार्टमेंट में 100-100 लोग रहते हैं। एक अपार्टमेंट में महज दो ही टॉयलेट होते हैं, जिसकी वजह से लोगों को काफी परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है।
4 of 5
हांगकांग में लोहे के पिंजरे में रहते हैं लोग
- फोटो : Social media
पिंजरों की साइज निर्धारित होती है। इनमें से कोई पिंजरा छोटे केबिन के बराबर होता है, तो कोई पिंजरा ताबूत के आकार का होता है। पिंजरे में बिछाने के लिए लोग गद्दे की जगह बांस की चटाई का इस्तेमाल करते हैं।
हांगकांग में लोहे के पिंजरे में रहते हैं लोग
- फोटो : Social media
सोसाइटी फॉर कम्युनिटी आर्गनाइजेशन के मुताबिक, हांगकांग में फिलहाल इस तरह के घरों में लगभग एक लाख लोग रह रहे हैं। दरअसल, ये लोग ऐसे हैं, जो महंगे घरों को खरीदने में सक्षम नहीं हैं। इस कारण ये लोग जानवरों की तरह पिंजरे में रहने को मजबूर हैं।