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ब्रांडेड सामान खरीदने में आप खा सकते हैं धोखा, ऐसे करें असली-नकली की पहचान

Sun, 22 Dec 2019 05:03 PM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
आजकल ब्रांडेड कंपनियों के मिलते-जुलते नकली उत्पाद बाजार में हैं। पहली नजर में असली-नकली उत्पाद की पहचान करना बहुत मुश्किल होता है। यदि गौर से प्रोडक्ट पर नजर डालें, तो आप असली-नकली की पहचान कर सकते हैं। नकली और असली में कुछ न कुछ ऐसा जरूर होता है, जिसके द्वारा वह पहचान में आ जाता है। यहां हम कुछ ऐसे तरीके बता रहे हैं, जिनसे आप भी असली और नकली उत्पाद की पहचान आसानी से कर सकते हैं
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
प्रोडक्ट के नाम और स्पेलिंग में अंतर

नकली प्रोडक्ट बनाने वाली अधिकतर कंपनियां ब्रांडेड प्रोडक्ट की नकल करते वक्त नाम की स्पेलिंग में गड़बड़ी करती हैं। ऐसा बड़े ब्रांड के नाम की कॉपी करने के लिए किया जाता है, ताकि लोग पहली नजर में उत्पाद को जज न कर पाएं और उसे ब्रांडेड समझ लें। उपभोक्ता मिलते-जुलते नाम के धोखे में उस उत्पाद को खरीद लेते हैं। उत्पाद के नाम में व्याकरण या मात्राओं की त्रुटि ही नहीं, उसकी डिजाइनिंग भी इस तरह से की जाती है कि पहली नजर में समझदार लोग भी गच्चा खा जाते हैं। ऐसे में आपको उत्पाद खरीदते समय पूरा समय देने की जरूरत होती है। अगर आप भी खरीदारी करते वक्त इस बात का ध्यान रख लें तो नकली सामान खरीदने से बच सकते हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
बॉक्स पर नहीं होती डिटेल

ब्रांडेड कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स की पैकिंग पर कुछ फीचर्स जैसे कोड्स, सीरियल या मॉडल नंबर, ट्रेडमार्क और पेटेंट की जानकारी देती हैं। आमतौर पर नकली प्रोडक्ट्स के बॉक्स पर इस तरह की जानकारियां नहीं दी जाती हैं। आप यदि चाहें, तो इस बारे में ऑनलाइन जानकारी ले सकते हैं। असली और नकली प्रोडक्ट्स से नंबर्स को क्रॉसचेक कर सकते हैं।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
लोगो से करें पहचान

नकली प्रोडक्ट में स्पेलिंग मिस्टेक के साथ-साथ कंपनी का लोगो, ब्रांड नेम और ट्रेडमार्क भी बदला होता है। प्रोडक्ट को ध्यान से देखकर इन कमियों को आसानी से जाना जा सकता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कांटैक्ट डिटेल्स

ज्यादातर कंपनियों की पैकिंग पर पूरा पता, ईमेल, फोन नंबर या कांटैक्ट डिटेल जरूर होती है, लेकिन नकली उत्पाद पर आप ये सारी जानकारियां नहीं पाएंगे। कांटैक्ट डिटेल न देने का कारण यह होता है कि प्रोडक्ट में किसी तरह की कमी होने पर कोई उसकी शिकायत न कर सके। बिना कांटैक्ट डिटेल्स वाले किसी भी प्रोडक्ट को न खरीदें। इसे खरीदने पर आपका नुकसान होना तय है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
अच्छी पैकिंग और घटिया पैकिंग

ब्रांडेड कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स की पैकिंग पर काफी पैसा खर्च करती हैं। पहली नजर में यदि आपको पैकिंग खराब लगे, तो समझ जाएं कि बॉक्स में रखा प्रोडक्ट नकली है। ऐसे प्रोडक्ट को खरीदने से बचें।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
गुणवत्ता में फर्क

नकली उत्पाद में चमक नहीं होती, जो असली उत्पाद में होती है। नकली प्रोडक्ट में असली प्रोडक्ट के स्थान पर खराब वैकल्पिक चीजों का इस्तेमाल किया जाता है। इस्तेमाल किए गए मैटेरियल खराब प्लास्टिक, लेदर, सस्ता कांच, खराब क्वालिटी का कपड़ा या इलेक्ट्रॉनिक अप्लाइंसेज के पुराने या इस्तेमाल किए हुए पार्ट्स आदि हो सकते हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
अनधिकृत केंद्र

महंगे उत्पादों को हमेशा अधिकृत केंद्र से ही खरीदें, जैसे- इलेक्ट्रॉनिक, होम अप्लाइंसेज, गैजेट्स, ब्रांडेड वेयर्स आदि। नकली उत्पाद बेचने वाली कंपनियां काफी चालाकी से काम करती हैं। वे अनधिकृत केंद्रों के माध्यम से अपना नकली उत्पाद बेचने की कोशिश करती हैं। ऐसे केंद्रों से खरीदारी करने से बचना चाहिए।
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