फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

North Pole: क्या आने वाली है कोई तबाही? रूस की तरफ बढ़ रहा पृथ्वी का चुंबकीय उत्तरी ध्रुव, टेंशन में वैज्ञानिक

Thu, 21 Nov 2024 02:24 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

North Pole Moving: उत्तरी ध्रुव पर सालों से वैज्ञानिक नजर रख रहे हैं। यह ध्रुव कनाडा से साइबेरिया की तरफ करीब 2250 किलोमीटर दूर चला गया है। उनका कहना है कि कुछ सालों के उत्तरी ध्रुव तेज रफ्तार से खिसक रहा है।
विज्ञापन
1 of 7
क्या आने वाली है कोई तबाही? रूस की तरफ बढ़ रहा पृथ्वी का चुंबकीय उत्तरी ध्रुव - फोटो : Adobe Stock
North Pole Moving: धरती पर अक्सर कई घटनाएं घटती हैं, जिसका असर मानव जीवन पर भी पड़ता है। अब एक घटना ने वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है। दरअसल, पृथ्वी का चुंबकीय उत्तरी ध्रुव रूस की तरफ तेजी से खिसक रहा है। ब्रिटिश वैज्ञानिकों ने यह खुलासा किया है। अब इस खुलासे के बाद वैज्ञानिक हैरान और चिंतित भी हैं। चुंबकीय उत्तरी ध्रुव बेहद महत्वपूर्ण है। आइए जानते हैं कि आखिर ऐसा होने से क्या असर होगा? 

एक रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तरी ध्रुव पर सालों से वैज्ञानिक नजर रख रहे हैं। यह ध्रुव कनाडा से साइबेरिया की तरफ करीब 2250 किलोमीटर दूर चला गया है। उनका कहना है कि कुछ सालों से उत्तरी ध्रुव तेज रफ्तार से खिसक रहा है। उन्होंने बताया कि पहले 1990 और 2005 के बीच यह 15 किमी प्रति घंटे की गति से खिसक रहा है, जो अब बढ़कर 50 से 60 किमी प्रति घंटे हो चुकी है। 
 
विज्ञापन

2 of 7
क्या आने वाली है कोई तबाही? रूस की तरफ बढ़ रहा पृथ्वी का चुंबकीय उत्तरी ध्रुव - फोटो : Adobe Stock
क्यों महत्वपूर्ण है चुंबकीय उत्तरी ध्रुव? 

चुंबकीय उत्तरी ध्रुव काफी महत्वपूर्ण है, जिसकी कई वजहें हैं, जिनमें नेविगेशन, विकिरण से सुरक्षा और विश्व चुंबकीय मॉडल के लिए इस्तेमाल होने वाला जीपीएस। हालांकि, चुंबकीय उत्तरी ध्रुव भौगोलिक उत्तरी ध्रुव से अलग है। यह एक ही स्थान पर रहता है, क्योंकि यह वह स्थान है जहां सभी अनुदैर्ध्य रेखाओं का मिलन होता है। 
 
विज्ञापन

3 of 7
क्या आने वाली है कोई तबाही? रूस की तरफ बढ़ रहा पृथ्वी का चुंबकीय उत्तरी ध्रुव - फोटो : Adobe Stock
चुंबकीय ध्रुव पर निर्भर हैं कई चीजें

अमेरिका से लेकर ब्रिटेन तक के वैज्ञानिक इस महत्वपूर्ण बिंदु के स्थानांतरण पर नजर रखते हैं। इसकी वजह यह है कि स्मार्टफोन और अन्य उपकरणों को नेविगेट करने की इजाजत देता है। ब्रिटिश जियोलॉजिकल सर्वे में वैश्विक भू-चुंबकीय क्षेत्र मॉडलर विलियम ब्राउन ने एक साक्षात्कार में कहा कि विमान, नावें, पनडुब्बियां समेत सभी इसी चुंबकीय ध्रुव पर निर्भर हैं।

4 of 7
क्या आने वाली है कोई तबाही? रूस की तरफ बढ़ रहा पृथ्वी का चुंबकीय उत्तरी ध्रुव - फोटो : Adobe Stock
क्या होगा असर? 

अगर यह इसी गति से आगे बढ़ता रहा है, तो पृथ्वी का चुंबकीय उत्तरी ध्रुव आने वाले दशक में 660 किलोमीटर आगे खिसक जाएगा। ब्रिटिश जियोलॉजिकल सर्वे  के वैज्ञानिकों का कहना है कि इसका परिणाम यह होगा कि साल 2040 तक सभी कम्पास "संभवतः उत्तर दिशा को पूर्व की तरफ इंगित करेंगे।

Sunita Williams: क्या आईएसएस पर खतरे में हैं सुनीता विलियम्स? नासा की लीक रिपोर्ट से हुआ डराने वाला खुलासा
विज्ञापन

5 of 7
क्या आने वाली है कोई तबाही? रूस की तरफ बढ़ रहा पृथ्वी का चुंबकीय उत्तरी ध्रुव - फोटो : Adobe Stock
दक्षिणी ध्रुव भी खिसक रहा आगे

पृथ्वी का चुंबकीय दक्षिणी ध्रुव भी आगे खिसक रहा है। यह अंटार्कटिका के ऊपर पूर्व की तरफ जा रहा है। वैज्ञानिकों ने कहा कि यह बदलाव हर 300,000 साल में होता है। हालांकि, इससे पहले पृथ्वी के ध्रुवों की अदला-बदली 780,000 साल पहले हुई थी। इसके कारण विशेषज्ञों ने कहा कि हमें बहुत देर हो चुकी है।

Baba Vanga Predictions: यूरोप में होगा इस्लाम का राज, एलियन की होगी खोज, बाबा वेंगा ने की डरावनी भविष्यवाणियां
विज्ञापन

6 of 7
क्या आने वाली है कोई तबाही? रूस की तरफ बढ़ रहा पृथ्वी का चुंबकीय उत्तरी ध्रुव - फोटो : Adobe Stock
क्यों आगे खिसक रहे हैं ध्रुव 

धरती के बाहरी कोर में पिघला हुआ लोहा बहता है, जो अप्रत्याशित है। इससे चुंबकीय ध्रुवों में बदलाव होता है। विलियम ब्राउन का कहना है कि यह चाय के एक विशाल कप जैसा है। यह पानी की चिपचिपाहट वाला एक गर्म तरल है। उन्होंने कहा कि जब ध्रुव बदलते हैं, तो एक समय ऐसा होता जब चुंबकीय ढाल शून्य हो जाती है और फिर विपरीत ध्रुवता के साथ  बढ़ जाती है।

Cobra vs Krait: कोबरा और करैत में कौन सांप है सबसे ज्यादा जहरीला? जानिए दोनों में क्या है अंतर
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
क्या आने वाली है कोई तबाही? रूस की तरफ बढ़ रहा पृथ्वी का चुंबकीय उत्तरी ध्रुव - फोटो : Adobe Stock
चुंबकीय क्षेत्र गायब हो जाए, तो क्या होगा?

धरती के चुंबकीय क्षेत्र की भूमिका जीवन को बनाए रखने और तकनीकी प्रणालियों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण है। यह अदृश्य ढाल धरती के आंतरिक भाग से अंतरिक्ष तक में फैली  है। इससे एक सुरक्षात्मक बुलबुला बनता है और ग्रह को सौर हवा से बचाने का काम करता है। अगर चुंबकीय क्षेत्र गायब हो जाए, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। इससे पर्यावरण से लेकर मानव स्वास्थ्य और प्रौद्योगिकी तक सब कुछ प्रभावित होगा। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें