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इस देश में सिर्फ 'दिखावे' के लिए होता है चुनाव, पहले से ही तय होते हैं नतीजे

Mon, 11 Mar 2019 07:14 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
भारत में अप्रैल से लेकर मई महीने के बीच लोकसभा चुनाव होने वाले हैं। कुल सात चरणों में चुनाव होंगे, जिसके नतीजों की घोषणा 23 मई को की जाएगी। चुनाव के बाद ही पता चलेगा कि सत्ता की चाबी इस बार किसके हाथ में होगी। इस मौके पर हम आपको एक ऐसे देश के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां सिर्फ 'दिखावे' के लिए ही चुनाव कराया जाता है, क्योंकि यहां नतीजे पहले से ही तय होते हैं। 
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किम जोंग उन - फोटो : Social media
इस देश का नाम है उत्तर कोरिया। यहां होने वाले चुनाव को दुनिया का सबसे अनोखा चुनाव कहा जाता है। हर पांच साल पर यहां  'सुप्रीम पीपुल्स असेंबली' के लिए चुनाव होते तो हैं, लेकिन मतदान के दौरान हर मतपत्र पर केवल एक ही उम्मीदवार का नाम होता है और वो नाम है किम जोंग उन। 
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किम जोंग उन - फोटो : Social media
किम जोंग उन को दुनिया उत्तर कोरिया के तानाशाह के तौर पर जानती है। कहा जाता है कि किम जोंग की इजाजत के बिना यहां कोई भी काम नहीं होता है। वो अगर कानून बना दे तो उसे तोड़ने या फिर उसके खिलाफ विरोध करने की हिम्मत किसी में नहीं है। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
10 मार्च को उत्तर कोरिया में 'सुप्रीम पीपुल्स असेंबली' के चुनाव को लेकर मतदान कराया गया, जिसके नतीजे पहले से ही तय माने जा रहे हैं। यहां के एक चुनाव अधिकारी का कहना है कि उत्तर कोरिया में चुनाव में हिस्सा लेना नागरिकों का कर्तव्य है और यहां ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं है जो उम्मीदवार को नकार दे।  
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उत्तर कोरिया चुनाव - फोटो : Social media
यहां मतदाताओं को मतदान करते हुए मतपत्र पर केवल 'हां' या 'नहीं' ही लिखना होता है। उम्मीदवारों की अंतिम सूची से यह पता चलता है कि देश के नेतृत्व के साथ कौन है और कौन नहीं। आधिकारिक समाचार एजेंसी 'केसीएनए' के मुताबिक, पिछले चुनाव में यहां 99.97 फीसदी मतदान हुआ था। सिर्फ उन लोगों ने चुनाव में मतदान नहीं किया था, जो देश से बाहर थे। 
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किम जोंग उन - फोटो : Social media
उत्तर कोरिया की खास बात ये भी है कि यहां साल में सिर्फ एक या दो बार ही संसद की बैठक होती है और वो भी तब जब बजट या फिर देश की सुरक्षा से संबंधित कोई दूसरे फैसले लेने होते हैं।
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