फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नीडल मैन: दुनिया का इकलौता ऐसा पेंटर, जो सिलाई मशीन से बनाता है खूबसूरत तस्वीरें

Mon, 11 Nov 2019 10:39 AM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 7
अरुण कुमार बजाज की पेंटिंग - फोटो : Social media
आपने कई पेंटरों की तस्वीरें देखी होंगी, जो खूबसूरती के साथ-साथ अनोखी भी होती हैं। आज हम आपको एक ऐसे ही पेंटर से रू-ब-रू करवाने जा रहे हैं, जो दुनिया में सबसे अनोखे हैं। इस पेंटर को दुनिया का इकलौता 'नीडल मैन' कहा जाता है, जो सिलाई मशीन से ऐसी खूबसूरत तस्वीरें बनाते हैं, जिसे देखने के बाद आप भी उनके मुरीद हो जाएंगे। 
विज्ञापन

2 of 7
अरुण कुमार बजाज की पेंटिंग - फोटो : Social media
इनका नाम है अरुण बजाज, जो पंजाब के पटियाला के रहने वाले हैं। 35 वर्षीय अरुण ने गुरु नानक देव के 550वें प्रकाश पर्व से पहले सिलाई मशीन से उनकी एक खास तस्वीर बनाई है। वह दुनिया के
इकलौते ऐसे कलाकार हैं, जो सिलाई मशीन से अनोखी पेंटिंग बनाते हैं। 
विज्ञापन

3 of 7
अरुण कुमार बजाज की पेंटिंग - फोटो : Social media
अरुण सिलाई मशीन के जरिए कई प्रसिद्ध हस्तियों की तस्वीरें बना चुके हैं, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हैं। उन्होंने साल 2017 में पीएम मोदी से मुलाकात की थी और उन्हें सिलाई मशीन से बनाई गई उनकी तस्वीर भेंट की थी। 

4 of 7
अरुण कुमार बजाज की पेंटिंग - फोटो : Social media
अरुण अपनी अनोखी कला से कई विश्व रिकॉर्ड भी बना चुके हैं। उनके नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड से लेकर यूनीक (अनोखा) वर्ल्ड रिकॉर्ड और यहां तक कि लिम्का वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज है। 
विज्ञापन

5 of 7
अरुण कुमार बजाज की पेंटिंग - फोटो : Social media
अरुण ने भगवान कृष्ण की एक खूबसूरत तस्वीर बनाई थी, जिसके लिए उन्हें कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं। इस तस्वीर को बनाने में उन्हें तीन साल का समय और 28 लाख 36 हजार मीटर धागा मिला था। यह दुनिया की पहली ऐसी तस्वीर थी, जिसे सिलाई मशीन से बनाया गया था और वो भी लाखों धागे से।  
विज्ञापन

6 of 7
अरुण कुमार बजाज की पेंटिंग - फोटो : Social media
अरुण की जिंदगी की कहानी भी बड़ी ही कठिनाईयों से भरी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अरुण जब 12 साल के थे, तभी से सिलाई कर रहे हैं। उन्हें यह काम करते 23 साल बीत चुके हैं। उन्होंने बताया था कि उनके पिता एक दर्जी थे, लेकिन जब अरुण 16 साल के थे, तभी उनका देहांत हो गया था। इसके बाद से ही वो अपने पिता की दुकान संभाल रहे हैं। इसके लिए उन्हें अपने स्कूल की पढ़ाई तक छोड़नी पड़ी थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
अरुण कुमार बजाज की पेंटिंग - फोटो : Social media
अरुण के मुताबिक, वह एक प्रसिद्ध पेंटर बनना चाहते थे, लेकिन उनके पिता की अचानक मौत से उनका यह सपना टूट गया। हालांकि फिर भी उन्होंने अपने अंदर के हुनर को मरने नहीं दिया और आज वो अपने अनोखे हुनर से दुनिया को अपना दीवाना बना रहे हैं।    
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें