फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Nag Panchami: इस नाग ने देवताओं के सिंहासन को हिला दिया, जानिए राजा परीक्षित को डसने वाले तक्षक नाग की कहानी

Tue, 29 Jul 2025 10:47 AM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Nag Panchami 2025: सांप का नाम सुनते ही लोगों में भय पैदा हो जाता है। पृथ्वी पर सांप सबसे खतरनाक और जहरीले जीवों में शामिल है। दुनिया में सांप की तीन हजार से अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं। इनमें कुछ सांप बेहद जहरीले होते हैं।
विज्ञापन
1 of 5
इस नाग ने देवताओं के सिंहासन को हिला दिया, जानिए राजा परीक्षित को डसने वाले तक्षक नाग की कहानी - फोटो : Adobe Stock
Nag Panchami 2025: सांप का नाम सुनते ही लोगों में भय पैदा हो जाता है। पृथ्वी पर सांप सबसे खतरनाक और जहरीले जीवों में शामिल है। दुनिया में सांप की तीन हजार से अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं। इनमें कुछ सांप बेहद जहरीले होते हैं। भारत में सांपों की ऐसी 69 प्रजातियां पाई जाती हैं जो बेहद खतरनाक होती हैं। इनमें 40 फीसदी सांप जमीन पर रहते हैं, जबकि 29 समुद्री सांप हैं। लेकिन पुराणों में एक सांप का वर्णन है, जिसके आगे सभी तंत्र मंत्र फेल हो गए थे। 

उस नाग ने देवताओं के सिंहासन तक को हिलाकर रख दिया था और पांडवों के पौत्र राजा परीक्षित की मौत की वजह बना था। वह सांप कोई नहीं है, बल्कि तक्षक नाग है। इस नाग के बारे में महाभारत से लेकर भविष्य पुराण तक में बताया गया है। हम आपको अपनी खबर में बताता है कि कैसे तक्षक नाग ने बड़े-बड़े सिद्ध तांत्रिक और ऋषि मुनि को भी फेल कर दिया था। 
विज्ञापन

2 of 5
इस नाग ने देवताओं के सिंहासन को हिला दिया, जानिए राजा परीक्षित को डसने वाले तक्षक नाग की कहानी - फोटो : Adobe Stock
तक्षक नाग ऋषि कश्यप और उनकी पत्नी कद्रू के पुत्र थे। पाताल लोग के आठ प्रमुख नागों में तक्षक नाग शामिल हैं। वह वासुकी नाग से छोटा और बाकी नागों में सबसे भयंकर थे। राजा परीक्षित शासन कर रहे थे तो तक्षक नाग ने ही उन्हें डस लिया था। दरअसल, राजा परीक्षित एक बार जंगल में शिकार पर गए थे। उन्होंने वहां पर ऋषि शमीक को मौन अवस्था में बैठे देखा। परीक्षित ने उनसे बात करने चाही, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इससे राजा परीक्षित नाराज हो गए और उन्होंने पास में पड़ा मरा सांप उनके गले में डाल दिया। इससे क्रोधित होकर ऋषि शमीक ने उन्हें श्राप दे दिया और कहा कि आज से ठीक सातवें दिन नाग तक्षक के काटने से तुम्हारी मौत हो जाएगी।

श्राप मिलने के बाद राजा परीक्षित ने पूरी कोशिश की उनके पास सांप न आएं। इसके उन्होंने पुख्ता इंतजाम किए, लेकिन तक्षक नाग डसने के लिए आ रहा था। उनकी भेट रास्ते में ऋषि कश्यप से हुई। ऋषि कश्यप उन्हें नहीं पहचाना। तक्षक ने उनसे सवाल किया कि आप कहा जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह राजा परीक्षित के पास जा रहे हैं, क्योंकि, उन्हें नाग डसने वाला है। इस पर तक्षक ने बताया कि मैं उन्हें डसनेजा रहा हूं। 
 
विज्ञापन

3 of 5
इस नाग ने देवताओं के सिंहासन को हिला दिया, जानिए राजा परीक्षित को डसने वाले तक्षक नाग की कहानी - फोटो : Adobe Stock
ऋषि कश्यप ने उन्हें रोकने की कोशिश की और कहा कि मैं परीक्षित के प्राण बचा लूंगा। तक्षक ने पूछा कैसे? इसके बाद तक्षक ने वहां एक पेड़ को डस लिया और पेड़ पूरा सूख गया। इसपर ऋषि कश्यप ने तुरंत पेड़ को जीवित कर दिया और वह फिर से हरा भरा हो गया। इसपर तक्षक ने ऋषि कश्यप को समझा-बुझाकर वापस लौटा दिया और उधर दूसरी तरफ तक्षक नाग के डसने से राजा परीक्षित की मौत हो गई।

Alien News: पृथ्वी पर नवंबर में हमला कर सकता है रहस्यमयी एलियन स्पेसक्राफ्ट, वैज्ञानिकों ने शोध में किया दावा

4 of 5
इस नाग ने देवताओं के सिंहासन को हिला दिया, जानिए राजा परीक्षित को डसने वाले तक्षक नाग की कहानी - फोटो : Adobe Stock
राजा परीक्षित की बाद उनके पुत्र जनमेजय ने सत्ता संभाली और पिता की मौत का बदला लेने की प्रतिज्ञा ली की वह सभी लोकों में मौजूद सांप को मार देंगे। इसके लिए उन्होंने यज्ञ का आयोजना किया, जिसमें सभी सांपों की जलकर मौत हो जाएगी। यज्ञ के प्रभाव के कारण सभी सांप एक एक करके यज्ञ की अग्नि में भस्म होने लगे। 

Viral Video: घर के अंदर से निकला नाग-नागिन का एक जोड़ा, दिल दहला देने वाला वीडियो हुआ वायरल
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
इस नाग ने देवताओं के सिंहासन को हिला दिया, जानिए राजा परीक्षित को डसने वाले तक्षक नाग की कहानी - फोटो : Adobe Stock
इसके बाद तक्षक नाग इंद्र देव के पास पहुंचा गया और उनके सिंहासन को जकड़ लिया। यज्ञ के प्रभाव से तक्षक इंद्रदेव के सिंहासन समेत खींचे चला जाने लगा। इसके बाद देवताओं में हाहाकार मच गया। इसके बाद सभी देवता आस्तिक मुनि के पास पहुंचे और आस्तिक मुनि के कहने पर जनमेजय ने महाविनाशक यज्ञ को रोक दिया। ऐसे तक्षक नाग की जान बची। इस दिन तक्षक का जान बची उसी दिन सावन मास की पंचमी तिथि थी। इसलिए ही सापों को पंचमी तिथि अधिक प्रिय है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें