कालिंजर का किला
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कालिंजर का किला भारत के सबसे विशाल और अपराजेय दुर्गों में गिना जाता रहा है। प्राचीन काल में यह दुर्ग जेजाकभुक्ति (जयशक्ति चन्देल) साम्राज्य के आधीन था। बाद में यह 10वीं शताब्दी तक चन्देल राजपूतों के आधीन और फिर रीवा के सोलंकियों के आधीन रहा। इन राजाओं के शासनकाल में कालिंजर पर महमूद गजनवी, कुतुबुद्दीन ऐबक, शेर शाह सूरी और हुमांयू जैसे योद्धाओं ने आक्रमण किए, लेकिन इस पर विजय पाने में असफल रहे। कालिंजर विजय अभियान में ही तोप का गोला लगने से शेरशाह की मृत्यु हो गई थी। बाद में मुगल बादशाह अकबर ने इस पर अधिकार कर लिया और किले बीरबल को तोहफे में दे दिया।