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क्रिकेट के बाद अब खेती से धोनी की हो रही अच्छी कमाई, स्ट्रॉबेरी बेचने से हुई 30 लाख रुपये की आमदनी

Sat, 10 Apr 2021 09:03 PM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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स्ट्रॉबेरी की खेती - फोटो : Pixabay
भारतीय क्रिकेट के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी इन दिनों रांची शहर के लोगों को अपने फार्म का आर्गेनिक सब्जी और फल खिला रहे हैं। क्रिकेट के मैदान में अपनी शानदार बल्लेबाजी और चतुर कप्तानी से लोगों का दिल जीतने वाले महेंद्र सिंह धोनी अपने फॉर्म हाउस में तरह-तरह के फल और सब्जियां उगा रहे हैं। उनके फॉर्म हाउस में उपजे फल-सब्जियों की रांची में बहुत अच्छी डिमांड है।
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एमएस धोनी स्ट्रॉबेरी खाते हुए - फोटो : instagram@mahi7781
बता दें कि महेंद्र सिंह धोनी ने अपने फॉर्महाउस में स्ट्रॉबेरी की भी खेती किए हैं। उनके फॉर्महाउस में 10 टन स्ट्रॉबेरी का उत्पादन हुआ है। इतने भारी पैमाने पर स्ट्रॉबेरी उपजाकर महेंद्र सिंह धोनी ने करीब 30 लाख रुपये की कमाई की है। स्ट्रॉबेरी के साथ ही धोनी के फॉर्महाउस में खरबूजा और तरबूजा की भी खूब पैदावार हुई है। फॉर्महाउस से रोजाना 300 किलो तरबूज और 200 किलो खरबूजा की उपज हो रही है।
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अपने फार्महाउस में धोनी - फोटो : सोशल मीडिया
43 एकड़ में फैले महेंद्र सिंह धोनी के फॉर्महाउस की सबसे खास बात ये है कि वो बिना किसी केमिकल के इस्तेमाल किए पूरी तरह से ऑर्गेनिक खेती करते हैं। इस वजह से इनके फॉर्महाउस की फल और सब्जियां काफी स्वादिष्ट होते हैं और इनकी बाजार में अच्छी डिमांड भी है। महेंद्र सिंह धोनी ने एक एकड़ में शिमला मिर्च की खेती भी की है।

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कड़कनाथ मुर्गा - फोटो : Facebook/Dream Organics And Goatery
फल और सब्जियों के अलावा महेंद्र सिंह धोनी अब रांची के बाजार में कड़कनाथ मुर्गे को भी बेचने की तैयारी कर रहे हैं। न्होंने बड़े स्तर पर कड़कनाक मुर्गे को पालने और बेचने की योजना तैयार की है। ता दें कि इस मुर्गे का मांस अन्य मांसों से काफी अलग होता है। कड़कनाथ चिकेन का बाजार में दाम 600 रुपये से 1,000 रुपये किलो होता है।
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एमएस धोनी ईजा फार्म - फोटो : twitter@Shalvi_Rajput07
दिलचस्प बात ये है कि बेहतरीन क्रिकेटर होने के साथ धोनी अब झारखंड के टॉप पशुपालक भी घोषित किये जा चुके हैं। इसके साथ ही उनकी ऑर्गेनिक खेती को देखते हुए इस बात की उम्मीद की जा सकती है कि आने वाले दिनों में उन्हें बेस्ट कृषक के रूप में भी पुरस्कार दिया जा सकता है।
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