फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Long Night In Antarctica: अंटार्कटिका में डूब गया सूरज, अब छह महीने तक रहेगा अंधेरा, जानिए क्या है वजह

Thu, 19 May 2022 10:15 AM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 6
अंटार्कटिका में डूब गया सूरज - फोटो : Pixabay
Long Night In Antarctica: धरती पर अटार्कटिका एक ऐसी जगह है जहां की परिस्थित दूसरी जगहों से अलग है। ध्रुवीय इलाके में होने की वजह से यहां पर छह महीने तक पूरा अंधेरा रहता है। यह समय अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के लिए बेहद खास होता है। अटार्कटिका में 13 मई को सूर्य अस्त हुआ था जिसके बाद यहां पर छह महीने तक रात रहेगी। अटार्कटिका में इस दौरान कठोर और चरम वातावरण रहता है जिसमें अंतरिक्ष में जाने से पहले एस्ट्रोनॉट्स को ट्रेनिंग दी जाती है।

यूरोपीय स्पेस एजेंसी के अंतरिक्ष यात्रियों की एक टीम को अंटार्कटिका के कॉन्कॉर्डिया स्टेशन भेजा गया है। यह टीम यहां पर कई महीनों के अलगाव और अन्य चरम वातावरण में रहने की ट्रेनिंग करेगी। अंतरक्षि यात्री यहां पर कठिन परिस्थितियों में रहने की ट्रेनिंग करते हैं। इन दिनों जहां भारत के कई इलाके गर्मी की मार झेल रहे है, तो वहीं अंटार्कटिका में सर्दी के मौसम की शुरुआत होने जा रही है। 
विज्ञापन

2 of 6
अंटार्कटिका में डूब गया सूरज - फोटो : istock

जहां पूरी दुनिया में चार तरह के मौसम होते हैं, तो वहीं अंटार्कटिका में सिर्फ दो मौसम रहते हैं। यहां पर सिर्फ सर्दी और गर्मी पड़ती है। अंटार्कटिका दुनिया का सबसे ठंडा महाद्वीप है। जहां पर छह महीने दिन रहता है और बाकी छह महीने रात। 
विज्ञापन

3 of 6
अंटार्कटिका में डूब गया सूरज - फोटो : istock
अंटार्कटिका के कॉन्कॉर्डिया बेस पर यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी की 12 सदस्यीय टीम रहेगी और वहां पर काम करेगी। यूरोपियन स्पेस एजेंसी और उससे जुड़े संस्थानों के वैज्ञानिक छह महीने तक कई तरह के शोध करेंगे। अंधेरा होने की वजह से कॉन्कॉर्डिया रिसर्च स्टेशन के आसपास माइनस 80 डिग्री सेल्सियस तक तापमान पहुंच जाता है।

4 of 6
अंटार्कटिका में डूब गया सूरज - फोटो : istock
स्पेस एजेंसी की तरफ से बताया गया है कि दूसरे ग्रह पर रहने लायक हालात हैं। भविष्य में कॉनकॉर्डिया स्टेशन को बाहर से और मदद नहीं मिल पाएगी। बताया गया है कि यहां पर नौ महीने का भंडार मौजूद है। 
विज्ञापन

5 of 6
अंटार्कटिका में डूब गया सूरज - फोटो : Pixabay

अब इन छह महीनों में अंटार्कटिका से न कोई बाहर जाएगा और न कोई यहां पर बाहर से आएगा। अब यहां कोई सामान भी नहीं जाएगा जो वहां पर मौजूद है उसी से 12 लोग अपना जीवन बीताएंगे। सर्दियां बढ़ जाने से वहां की ऊंचाई और ठंड से लोगों के दिमाग में ऑक्सीजन कम होने लगता है जिसको क्रोनिक हाइपोबेरिक हाइपोक्सिया कहा जाता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
अंटार्कटिका में डूब गया सूरज - फोटो : Pixabay

यूरोपीय स्पेस एजेंसी के मेडिकल डॉक्टर रिसर्च स्टेशन पर सभी का ख्याल रखेंगे। उनका कहना है कि असली मिशन की शुरुआत अब होगी। अब दुनिया से 5 से 6 महीने के लिए अलग रहना पड़ेगा। रिसर्च के लिए पूरी दुनिया से अलग रहना पड़ता है। इस दौरान महसूस होता है कि किसी दूसरे ग्रह पर आ गए हैं। यहां पर 6 महीने अंधेरा रहता है और छह महीने दिन। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें