फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नागा साधुओं की तरह कुंभ क्यों नहीं आते हैं अघोरी, जानिए दोनों की रहस्यमयी दुनिया का सच

Fri, 18 Jan 2019 05:18 PM IST
shubham फीचर डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 7
Naga sadhu and Aghori
प्रयागराज कुंभ में देश-विदेश से आए करोड़ों लोग पावन गंगा में डुबकी लगा रहे हैं। यहां भारी तादाद में साधु-संत भी आए हुए हैं। यहां हर साल खास आकर्षण का केंद्र होते हैं नागा साधु। कुंभ के दौरान शाही स्नान करने का पहला अधिकार उनका ही होता है। उसके बाद ही बाकी लोग पवित्र गंगा में डुबकी लगाते हैं। वैसे आमतौर पर लोग यही जानते हैं कि नागा साधु ही अघोरी साधु होते हैं, जबकि असलियत में ऐसा नहीं है। दोनों एक दूसरे से बिल्कुल अलग होते हैं और इनके बीच कई अंतर हैं। 
विज्ञापन

2 of 7
Naga Sadhu
कुंभ में आपने नागा साधुओं को तो अक्सर देखा होगा, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि जो अघोरी साधु होते हैं, वो कभी भी कुंभ नहीं जाते हैं। नागा साधु और अघोरियों की वेशभूषा से लेकर इनका रहन-सहन, खान-पान, पूजा करने के तरीके सब अलग होते हैं। हालांकि नागा साधु और अघोरी गांव और शहरों में दिखने वाले बाकी साधुओं से बिल्कुल अलग दिखते हैं, यही कारण है कि लोग उन्हें एक मान लेते हैं। 
विज्ञापन

3 of 7
Naga sadhu and Aghori
नागा साधुओं की एक खास बात है कि वो किसी न किसी अखाड़े से जुड़े होते हैं, जबकि अघोरी साधुओं का कोई अखाड़ा नहीं होता है। नागा और अघोरी दोनों को ही साधु बनने के लिए कठोर परीक्षा देनी पड़ती है, जिसमें कम से कम 12 साल का समय लगता है। इनमें नागा साधुओं की परीक्षा उनके अखाड़ों में होती है, जबकि अघोरी साधुओं को अघोरी बनने के लिए श्मशान में तपस्या करनी पड़ती है। अघोरी साधु श्मशान में किसी मुर्दे के ऊपर बैठकर या फिर मुर्दे के पास बैठकर कठोर तपस्या करते हैं।  

4 of 7
Naga Sadhu
आमतौर पर नागा साधु निर्वस्त्र ही रहते हैं, लेकिन कुछ-कुछ नागा साधु गेरुआ वस्त्र पहने रहते हैं। चाहे कितनी भी गर्मी हो, सर्दी हो, वो वैसे ही रहते हैं। वहीं, अघोरी साधुओं के बारे में कहा जाता है कि वो जानवर के खाल से अपना तन ढंके रहते हैं।  
विज्ञापन

5 of 7
Aghori baba - फोटो : Social media
नागा और अघोरी साधु दोनों में ये समानता जरूर है कि दोनों ही मांस खाते हैं। हालांकि नागा साधुओं में कुछ शाकाहारी भी होते हैं, लेकिन अघोरी साधु कभी भी शाकाहारी नहीं होते। कहा जाता है कि ये लोग ना केवल जानवरों का बल्कि इंसानों का मांस भी खाते हैं। ये मुर्दे के मांस का सेवन भी करते हैं। 
विज्ञापन

6 of 7
Naga sadhu - फोटो : Social media
आमतौर पर नागा और अघोरी साधु दोनों ही दुनिया की भीड़ से बिल्कुल अलग रहते हैं। नागा साधुओं के बारे में कहा जाता है कि वो अपना पूरा जीवन जंगल या पहाड़ों पर बिताते हैं, जबकि अघोरी साधु कभी भी श्मशान से बाहर नहीं आते हैं। ये लोग या तो श्मशान में रहते हैं या फिर एक ऐसी जगह पर रहते हैं, जहां आसपास भी कोई ना आता हो।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
अघोरी - फोटो : self
नागा साधुओं के बारे में कहा जाता है कि उनके पास रहस्यमयी ताकत होती है और ये ताकत वो कठोर तपस्या करके हासिल करते हैं। इनका इस्तेमाल वह लोगों की समस्याओं के निवारण के लिए करते हैं। वहीं, अघोरी साधु तांत्रिक साधनाओं के लिए जाने जाते हैं। कहते हैं कि उनके पास भी रहस्यमयी शक्तियां होती हैं। हालांकि वो तंत्र-मंत्र के माध्यम से लोगों की परेशानियों का हल निकालने के लिए जाने जाते हैं।  
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें