फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आखिर काला कोट और सफेद शर्ट ही क्यों पहनते हैं वकील? जानिए इसके पीछे की वजह

Mon, 05 Oct 2020 08:00 PM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
वकील क्यों पहनते हैं काला कोट - फोटो : सोशल मीडिया
बात असल जिंदगी की हो या फिर फिल्मों की आपने वकीलों को हमेशा काला कोट और सफेद शर्ट में ही देखा होगा। लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा है कि वकील काला के अलावा किसी और रंग के कोट क्यों नहीं पहनते हैं? आपको बता दें कि वकीलों के द्वारा पहने जाने वाला काला कोट कोई फैशन नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक ऐतिहासिक वजह है। तो आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...
विज्ञापन

2 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
बता दें कि वकालत की शुरुआत वर्ष 1327 में एडवर्ड तृतीय ने की थी। उस समय ड्रेस कोड के आधार पर न्यायाधीशों की वेशभूषा तैयार की गई थी। जज अपने सर पर एक बालों वाला विग पहनते थे। वकालत के शुरुआती समय में वकीलों को चार भागों में विभाजित किया गया था जो कि इस प्रकार थे- स्टूडेंट (छात्र), प्लीडर (वकील), बेंचर और बैरिस्टर। ये सभी जज का स्वागत करते थे।
विज्ञापन

3 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
शुरुआती समय में अदालत में सुनहरे लाल कपड़े और भूरे रंग से तैयार गाउन पहना जाता था। उसके बाद साल 1637 में वकीलों की वेशभूषा में बदलाव आया और यह प्रस्ताव रखा गया कि काउंसिल को जनता के अनुरूप ही कपड़े पहनने चाहिए। इसके बाद से ही वकीलों ने लंबे वाले गाउन पहनने शुरू कर दिए। ऐसा माना जाता है उस समय कि यह वेशभूषा न्यायाधीशों और वकीलों को अन्य व्यक्तियों से अलग करती थी।

4 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
साल 1694 में ब्रिटेन की महारानी क्वीन मैरी की चेचक से मृत्यु हो गई, जिसके बाद उनके पति राजा विलियम्स ने सभी न्यायधीशों और वकीलों को सार्वजनिक रुप से शोक मनाने के लिए काले गाउन पहनकर इकट्ठा होने का आदेश दिया। इस आदेश को कभी भी रद्द नहीं किया गया, जिसके बाद से आज तक यह प्रथा चली आ रही है कि वकील काला गाउन पहनते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
हालांकि, आज के समय में काला कोट ही वकीलों का पहचान बन गया है। अधिनियम 1961 के तहत अदालतों में सफेद बैंड टाई के साथ काला कोट पहन कर आना अनिवार्य कर दिया गया था। ऐसा माना जाता है कि यह काला कोट और सफेद शर्ट वकीलों में अनुशासन लाता है और उनमें न्याय के प्रति विश्वास जगाता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें