'आवश्यकता आविष्कार की जननी है' यह कहावत काफी लोकप्रिय है। इसका अर्थ यही है कि जीवन यापन के लिए, जो कुछ भी जरूरी हो, इंसान किसी भी तरह से उसे प्राप्त करने में लग जाता है और हासिल करने के लिए अथक प्रयास करता है। मानव जैसे-जैसे खुद को विकसित करने लगा, उसके आवश्यकताओं का क्षेत्र भी उसी तरह बढ़ता चला गया। आज हवाई जहाज और रेल जैसे परिवहन के साधनों के आविष्कार से लंबी से लंबी दूरी बहुत कम समय में तय कर ली जा रही है। लेकिन एक समय ऐसा भी था, जब एक जगह से दूसरे जगह की पैदल यात्रा करने में किसी व्यक्ति को कई दिन का समय लग जाता था। किसी भी चीज का आविष्कार करना आसान काम नहीं होता। इसमें वैज्ञानिकों को सालों लग जाते हैं। तब जाकर कहीं वो सफल हो पाते हैं। आज हम आपको कुछ ऐसे ही आविष्कारक और उनके आविष्कारों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके आविष्कार तो बहुत उपयोगी साबित हुए, लेकिन अफसोस कि उनके अपने ही आविष्कार उनकी मौत की वजह बन गए।