जगरनाथ महतो
- फोटो : BBC
अब क्यों लिया एडमिशन?
जगरनाथ महतो ने कहा, "जब शिक्षा मंत्री पद की शपथ ले रहा था, तभी कुछ व्हाइट कालर लोगों ने मेरी शैक्षणिक योग्यता को लेकर छींटाकशी की। वे अंग्रजी बोलने वाले लोग थे। उन्हें यह नहीं पता था कि लोकतंत्र में मंत्री बनने के लिए जनता का निर्वाचित प्रतिनिधि होना जरुरी है। इसके लिए संविधान ने कोई शैक्षणिक योग्यता तय नहीं की है। तभी मुझे लगा कि इन्हें जवाब देना चाहिए और मैंने आगे की पढ़ाई पूरी करने का निर्णय लिया।"
उन्होंने यह भी कहा, "गरीबी के कारण मेरी पढ़ाई बीच में रुकी थी। अब ऐसा और किसी के साथ नहीं हो, इललिए हमारी सरकार ने हर पंचायत के एक स्कूल को लीडर (माडल) स्कूल बनाने का निर्णय लिया है। इन स्कूलों में अंग्रेजी की भी पढ़ाई करायी जाएगी, ताकि गरीबों के बच्चे भी महंगे प्राईवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की तरह अंग्रेजी बोल सकें।"