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कहानी एक खूंखार तानाशाह की: दुश्मनों के डर से अपने देश में बनवाए थे कई लाख बंकर

Tue, 30 Mar 2021 08:22 AM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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अल्बानिया में बने बंकर - फोटो : सोशल मीडिया
आमतौर पर बंकर अक्सर सरहदों पर ही देखने को मिलते हैं, जो दुश्मनों के हमले से किसी देश की हिफाजत और मोर्चेबंदी का काम करते हैं। लेकिन दुनिया में एक ऐसा देश भी है, जहां आपको कदम-कदम पर बंकर देखने को मिलते हैं। दरअसल, हम बात कर रहे हैं यूरोपीय देश अल्बानिया की। अल्बानिया के तानाशाह एनवर होक्सहा को दुश्मनों का ऐसा डर हुआ कि उन्होंने एक अजीबोगरीब फैसला लिया, जिसकी वजह से पूरा देश ही बंकरों में तब्दील हो गया।
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तानाशाह एनवर होक्सहा - फोटो : सोशल मीडिया
बता दें कि अल्बानिया में 60 के दशक से होक्सहा की मौत तक लगातार कर बनवाए गए। सोवियत संघ से रिश्ते खराब होने के कारण तानाशाह एनवर होक्सहा काफी डर गए थे और पूरे देश की हिफाजत के लिए बंकर बनवाने शुरू कर दिए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूरे देश में करीब पौने दो लाख बंकर एनवर होक्सहा के राज में बनवाए गए थे। आज भी ये बंकर पूरे देश में बिखरे हुए हैं।
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अल्बानिया में बने बंकर - फोटो : सोशल मीडिया
दरअसल, दूसरे विश्वयुद्ध के बाद दुनिया के लगभग सारे ही देश एक-दूसरे से डरे हुए थे और लगातार परमाणु युद्ध की आशंका में जी रहे थे। अल्बानिया देश भी इन्हीं में से एक था। केवल शक की वजह से यहां के तानाशाह शासक एनवर होक्सहा ने धीरे-धीरे अपने मित्र देशों से दूरी बना ली, जिसमें यूगोस्लाविया, सोवियत और चीन शामिल थें।

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तानाशाह एनवर होक्सहा - फोटो : सोशल मीडिया
अल्बानिया में हजारों कारीगर कई सालों तक लगातार बंकर बनाते रहे। इतना ही नहीं इन बंकरों को बनाने में कई मजदूरों की मौत भी हो गई। हालांकि, अल्बानिया पर कोई युद्ध या हमला, तो दोबारा नहीं हुए, लेकिन इस प्रोजेक्ट की वजह से अल्बानिया की अर्थव्यवस्था गड़बड़ा गई। नतीजा ये हुआ कि अल्बानिया को अब यूरोप के सबसे गरीब देशों में शुमार है।
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अल्बानिया में बने बंकर - फोटो : सोशल मीडिया
बता दें कि अल्बानिया में साल 1990 से कम्यूनिज्म का लगभग खात्मा हो गया, लेकिन देश की खराब अर्थव्यवस्था से स्थानीय नागिरक काफी परेशान थे। कई लोगों के पास रहने को ना ही छत था और ना ही जीने का कोई मकसद। तानाशाह की आइसोलेशन की पॉलिसी के वजह से अल्बानिया लगभग दुनिया के सभी देशों से कट चुका था। ऐसे में शेल्टर के बिना रह रहे लोगों ने इन बंकरों में रहना शुरू कर दिया। इसके अलावा यहां स्टोरहाउस और जानवरों को भी रखा जाने लगा।
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अल्बानिया में बने बंकर - फोटो : सोशल मीडिया
नागरिकों के इस पहल से सरकार को भी एक तरकीब सूझी। एक समय जिन बंकरों के वजह से देश की अर्थव्यवस्था गड़बड़ा गई थी, अब वही बंकर अल्बानिया के लिए विदेशी मुद्रा कमाने का जरिया बन रहे हैं। वर्तमान समय में हजारों सैलानी अल्बानिया में इन बंकरों को देखने आते हैं। ऐसे में सरकार भी बंकरों को नया रूप देने के लिए नए-नए प्रोजेक्ट शुरू कर रही है। इन बंकरों में सैलानियों को ठहरने का प्रबंध भी किया जा रहा है।
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