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अजब-गजब: दुनिया के सबसे वीरान आइलैंड की डरावनी कहानी, यहां बिना इलाज के रखे जाते थे इस बीमारी से पीड़ित

Sat, 19 Mar 2022 03:37 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दुनिया के सबसे वीरान आइलैंड की डरावनी कहानी - फोटो : Pixabay
दुनिया में कई आइलैंड्स हैं जो प्राकृतिक सुंदरता के लिए फेमस हैं जबकि कुछ (Mysterious Island) पर अजीबोगरीब रहस्य छिपे हुए हैं। इनमें से ही एक आइलैंड है जो कुष्ठ रोगियों के लिए दुनियाभर में जाना जाता है। अब यह दुनिया का सबसे वीरान और रहस्यमयी आइलैंड बन चुका है। यहां पर कभी बिना इलाज के कुष्ठ रोगियों को रखा जाता है। तो आइए हम इस आइलैंड से जुड़े रोचक तथ्यों के बारे में जानते हैं। 

कोढ़ (Leprosy) से पीड़ित व्यक्ति को हमेशा से ही समाज में हीन भावना से देखा जाता है। इस बीमारी को एक अभिशाप की तरह माना जाता रहा है। कोढ़ की बीमारी को बहुत बुरा माना जाता रहा है। इन रोगियों से आम लोग हमेशा दूरी बनाकर रहे हैं। सदियों से इस बीमारी से पीड़ित लोगों को समाज में अलग-थलग रखा गया है। भारत में कुष्ठ रोगियों के लिए कई आश्रम चलते हैं। भारत ही नहीं दुनिया के दूसरे देशों में भी कुष्ठ रोगियों के साथ ऐसा व्यवहार किया जाता है। 
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दुनिया के सबसे वीरान आइलैंड की डरावनी कहानी - फोटो : Pixabay
हम जिस आईलैंड की बात कर रहे हैं वो कुष्ठ रोगियों से जुड़ा हुआ है और बेहद डरावनी है। यूरोपीय देश ग्रीस और यूनान ने कुष्ठ रोगियों को इस आइलैंड पर भेज दिया था। इन देशों ने आम लोगों से दूर रखने के लिए इन लोगों को आइलैंड पर भेजा था। 
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दुनिया के सबसे वीरान आइलैंड की डरावनी कहानी - फोटो : Pixabay
इस आइलैंड को स्पिनालॉन्गा नाम से जाना जाता है। यह आइलैंड यूनान के सबसे बड़े द्वीप क्रीट के करीब और भूमध्य सागर में मिराबेलो की खाड़ी के मुहाने पर मौजूद है। लेकिन कभी कुष्ठ रोगियों के लिए फेमस यह आइलैंड अब वीरान पड़ा है। यहां पर बेहद कम लोग ही जाते हैं। 

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दुनिया के सबसे वीरान आइलैंड की डरावनी कहानी - फोटो : Pixabay
द्वीप क्रीट के गांव प्लाका के करीब स्थित इस आइलैंड पर बहुत कम लोग आते जाते हैं। वेनिस के राजा ने इस आइलैंड को सबसे पहले सैन्य अड्डा बनाया था। इसके बाद तुर्की के ऑटोमान साम्राज्य ने इसको घेर लिया, हालांकि साल 1904 में क्रीट के लोगों ने तुर्कों को यहां से खदेड़ दिया। 
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दुनिया के सबसे वीरान आइलैंड की डरावनी कहानी - फोटो : Pixabay

स्पिनालॉन्गा को तुर्कों को भगाने के बाद इस आइलैंड पर कुष्ठ रोगियों को रखा जाने लगा। साल 1975 में दुनिया को पता चला कि यह कुष्ठ रोगियों का केंद्र है, क्योंकि इससे पहले इस बारे में किसी को जानकारी नहीं थी। एक ब्रिटिश एक्सपर्ट ने साल 1975 में दुनिया को यह जानकारी दी। 
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दुनिया के सबसे वीरान आइलैंड की डरावनी कहानी - फोटो : Pixabay
इस आइलैंड का हाल जानने के बाद पूरी दुनिया ने इसकी आलोचना की। इसके लिए यूनानी सरकार को दुनिया के सामने शर्मिंदा होना पड़ा। दुनिया के सामने यह जानकारी आने के बाद यूनानी सरकार ने बड़ा कदम उठाया। यूनानी सरकार ने कुष्ठ रोगियों का इलाज करवाना शुरू किया और इसको बंद कर दिया। इसके बाद से स्पिनालॉन्गा आइलैंड वीरान पड़ा है। यहां पर कुष्ठ रोगियों को आम लोगों से दूर रखने के लिए रखा जाता था। 
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दुनिया के सबसे वीरान आइलैंड की डरावनी कहानी - फोटो : Pixabay
स्पिनालॉन्गा द्वीप पर कुष्ठ रोगियों के इलाज की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। इस द्वीप पर एकमात्र डॉक्टर आता था जब कुष्ठ रोगियों को कोई दूसरी बीमारी हो जाती थी। इसको केंद्र बनाए जाने से पहले ही कुष्ठ रोग का इलाज खोज लिया गया था, लेकिन यहां कुष्ठ रोगियों का इलाज नहीं होता था। 
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