शेर को 'जंगल का राजा' कहा जाता है, ये बात तो हम सभी जानते हैं। लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि आखिर शेर झुंड में ही क्यों नजर आते हैं? वैसे तो धरती पर शेरों का अस्तित्व काफी पुराना है, लेकिन उनके इतिहास के बारे में जानना बेहद ही मुश्किल है, क्योंकि जानवरों के जीवाश्म ज्यादातर मिलते नहीं हैं। हालांकि, कुछ साल पहले ब्रिटेन की डरहम यूनिवर्सिटी के डॉक्टर रॉस बारनेट ने दुनियाभर के म्यूजियम में रखे विभिन्न प्रजातियों के शेरों के जीवाश्म का अध्ययन किया था, जिसके मुताबिक आधुनिक शेरों का इतिहास करीब 1,24,000 साल पुराना है।
वैसे तो शेर बिल्ली प्रजाति का एक खतरनाक जानवर है, लेकिन बिल्लियों की कुछ ही प्रजातियां दहाड़ सकती हैं। इनमें शेर से लेकर बाघ और जैगुआर शामिल हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक, इन जानवरों का गला ही ऐसा होता है कि वो दहाड़ सकते हैं। शेरों की दहाड़ बहुत ही तेज और खतरनाक होती है, लेकिन इस बात का पता आज तक नहीं चल सका है कि वो इतनी तेज क्यों दहाड़ते हैं?