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Ajab Gajab: जानिए देश में क्यों छापा गया जीरो रुपये का नोट, क्या है इसकी पूरी कहानी

Tue, 26 Jul 2022 10:56 AM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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देश में क्यों छापा गया जीरो रुपये का नोट - फोटो : Twitter @rahjaw89
Ajab Gajab: आपने 1 रुपये से लेकर 2 हजार रुपये तक के नोट को देखा होगा। भारत में रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया (RBI) द्वारा छापे जाने वाले इन नोटों का इस्तेमाल हम सभी अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए करते हैं। लेकिन हम आपको एक ऐसे नोट के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके बारे में जानकर हैरान रह जाएंगे। क्या आपको पता है कि देश में जीरो रुपये का नोट भी छपा था? आइए जानते क्या है इस नोट की पूरी कहानी...

क्यों छापा गया था जीरो का नोट?

जीरो रुपये के नोट पर भी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीर छापी गई है। यह बिल्कुल दूसरे नोटों की तरह दिखाई देता है। लेकिन अब आपके मन में सवाल खड़ा हो रहा होगा कि आखिर जीरो रुपये के नोट क्यों छापे गए। इस नोट का होता क्या होगा? रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया (RBI) ने इन नोटों को नहीं छापा था। इस नोट को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मुहिम के तहत छापा गया था। 
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देश में क्यों छापा गया जीरो रुपये का नोट - फोटो : iStock
इस जीरो रुपये के नोट को छापने का आईडिया दक्षिण भारत की एक NGO का था। साल 2007 में भ्रष्टाचार के खिलाफ इस नोट को हथियार के रूप में शुरू किया गया था। तमिलनाडु में काम करने वाली इस एनजीओ ने करीब 5 लाख जीरो रुपये के नोट छापे थे। इन नोटों को हिंदी, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम चार भाषाओं में छापा गया था जिसे लोगों में बांट दिया गया। 
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देश में क्यों छापा गया जीरो रुपये का नोट - फोटो : Pixabay
नोटों पर लिखा था खास मैसेज

इस नोट पर भ्रष्टाचार के खिलाफ कई मैसेज लिखे थे। इन नोट पर लिखा था, 'भ्रष्टाचार खत्म करो', 'अगर कोई घूस मांगता है, तो इस नोट को दें और मामले के बारे में हमको बताएं। ना लेने की और ना देने की कसम खाते हैं। इस नोट पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और नोट पर नीचे एनजीओ का फोन नंबर और ईमेल आईडी दी गई थी। 
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देश में क्यों छापा गया जीरो रुपये का नोट - फोटो : Pixabay

एनजीओ ही इस जीरो रुपये के नोट को बनाती थी और रिश्वत मांगने वाले लोगों को देती थी। जीरो रुपये का नोट भ्रष्टाचार के खिलाफ एक प्रतीक था। 
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