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आखिर शनि ग्रह पर क्यों नहीं रह सकते इंसान? हैरान कर देंगे ये रहस्य

Tue, 28 Jan 2020 10:41 AM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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शनि ग्रह - फोटो : Pixabay
बचपन से अक्सर हम शनि देवता के बारे में सुनते आए हैं कि अगर उनकी टेढ़ी नजर किसी इंसान पर पड़ गई तो उसके बुरे दिन शुरू हो जाते हैं। उसके जीवन में आर्थिक, मानसिक और शारीरिक परेशानियां आने लगती हैं। लेकिन क्या आप उस शनि ग्रह के बारे में जानते हैं, जो ऊपर आसमान में चमकता रहता है। इस ग्रह के चारों ओर पाए जाने वाले रिंग सिस्टम के कारण ही इसे सौरमंडल का सबसे आकर्षित ग्रह कहा जाता है। यूं तो यह सौरमंडल का दूसरा सबसे बड़ा ग्रह है, लेकिन पृथ्वी से नौ गुना बड़े इस ग्रह को एक गैस दानव कहा जाता है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि आखिर इस ग्रह पर इंसान क्यों नहीं रह सकते हैं? इसके क्या रहस्य हैं? 

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शनि ग्रह - फोटो : Pixabay
दरअसल, शनि ग्रह पर 1800 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलती हैं। यह पृथ्वी पर चलने वाली हवाओं से पांच गुना अधिक तेज हैं। ऐसे में यहां इंसानों का रह पाना लगभग नामुमकिन है। 

 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
शनि ग्रह का औसत तापमान -178 डिग्री सेल्सियस के आस पास रहता है। ऐसे में यहां इंसान बसने की सोच भी नहीं सकता। 

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शनि ग्रह - फोटो : Pixabay
शनि उन पांच ग्रहों में से एक है, जिसे नग्न आंखों से देखा जा सकता है। यह सौरमंडल की पांचवीं सबसे चमकीली वस्तु भी है। 
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शनि ग्रह - फोटो : Pixabay
शनि ग्रह का वायुमंडल लगभग 96 फीसदी हाइड्रोजन और चार फीसदी हीलियम से बना है, जिसमें अमोनिया, एसिटिलीन, ईथेन, फॉस्फीन और मीथेन जैसी गैस भी पाई जाती हैं। 
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शनि ग्रह - फोटो : Pixabay
शनि ग्रह को सूर्य के चारों ओर एक चक्कर लगाने में 29.4 पृथ्वी वर्ष लगते हैं। यहां दिन छोटे होते हैं और पृथ्वी पर इसकी तुलना में वर्ष लंबे होते हैं। 
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शनि ग्रह - फोटो : Pixabay
शनि ग्रह का चुंबकीय क्षेत्र बेहद ही शक्तिशाली है। इसका चुंबकीय क्षेत्र पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र की तुलना में 578 गुना अधिक शक्तिशाली है। 

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शनि ग्रह - फोटो : Pixabay
इस ग्रह पर पाई जाने वाली ऋतुएं शनि ग्रह की स्वयं उत्पन्न की गई गर्मी से बदलती हैं। इस ग्रह का मौसम सूर्य पर निर्भर नहीं करता। 

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वोयेजर 1 - फोटो : NASA
अब तक कुल चार अंतरिक्ष यान शनि का दौरा कर चुके हैं। ये हैं पायोनियर 11, वोयेजर 1, वोयेजर 2 और कैसिनी। कैसिनी ने एक जुलाई, 2004 को शनि की कक्षा में प्रवेश किया था। 
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शनि ग्रह - फोटो : Pixabay
शनि ग्रह का आंतरिक भाग बहुत गर्म है। इसका तापमान 11,700 डिग्री सेल्सियस तक के स्तर को आसानी से पार कर लेता है। 
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