धरती पर इंसानों का नहीं हुआ जन्म, यहां से आया जीवन!
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वैज्ञानिकों को जांच में चट्टान के भीतर 20 अमीनो एसिड में से 14 मिले है। अमीनो एसिड प्रोटीन के बिल्डिंग ब्लॉक हैं, जो जीवन की बुनियाद हैं। डीएनए और आरएनए के केमिकल पूर्वज, जिनसे आनुवंशिक कोड बनते हैं, वो भी मिले। ये केमिकल इतने साथ थे, जैसे कभी छुए न गए हों। यह खोज जनवरी 2025 में साबित हुई। वैज्ञानिकों का कहना है कि बेनू जैसे एस्टेरॉयड ने जीवन के बीज बोए हैं।
अंतरिक्ष से आया जीवन
इस थ्योरी के मुताबिक, जीवन के कच्चे माल- जैसे अमीनो एसिड और कार्बनिक यौगिक अंतरिक्ष से आए। इन्हें धूमकेतु या क्षुद्रग्रहों ने पृथ्वी पर गिराया है। इस थ्योरी को जीवित जीवों की आवश्यकता नहीं है। सिर्फ मजबूत अणु चाहिए, जो किसी भी रहने लायक दुनिया पर जीवन चालू कर सकें। बेनू की चट्टान ने इसे मजबूती प्रदान की।
क्या नाजुक रसायन अंतरिक्ष की खाली जगह, वायुमंडल की जलन या टक्कर की गर्मी सह सकते हैं? लेकिन लैब टेस्ट और मिशन जैसे OSIRIS-REX ने साबित कर दिया है कि कई रसायन जीवित रह सकते हैं।