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Saudi Arabia: सऊदी अरब में आखिर कहां से आता है पानी? देश में नहीं है एक भी नदी और झील

Mon, 29 Sep 2025 06:48 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Saudi Arabia: सऊदी अरब की जमीन रेतीली और जलवायु उष्णकटिबंधीय मरुस्थल हैं। यहां पर भारी मात्रा में तेल है, जिसके कारण वजह से यह देश अमीर भी बना है, लेकिन यहां पानी की भारी कमी है। इस देश में पीने लायक पानी ही नहीं है।
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सऊदी अरब में आखिर कहां से आता है पानी? - फोटो : Freepik
Saudi Arabia: सऊदी अरब की जमीन रेतीली और जलवायु उष्णकटिबंधीय मरुस्थल हैं। यहां पर भारी मात्रा में तेल है, जिसके कारण वजह से यह देश अमीर भी बना है, लेकिन यहां पानी की भारी कमी है। इस देश में पीने लायक पानी ही नहीं है। सबसे बड़ी बात यह है कि न यहां कोई नदी और न ही कोई झील। पानी का कुआं है पर उसमें पानी नहीं है। यहां सोना तो है, लेकिन पानी नहीं। अब सवाल खड़ा होता है कि आखिर सऊदी अरब पीने के लिए पानी कहां से लाता है? तो आइए इस खबर में इसके पीछे की हैरान करने वाला सच बताते हैं। 

सऊदी अरब की सिर्फ एक फीसदी जमीन ही खेती के लायक है और उसमें भी कुछ-कुछ सब्जियां ही उगाईं जाती हैं, क्योंकि धान और गेहूं जैसी फसलें उगाने के लिए उसे भारी मात्रा में पानी की जरूरत पड़ेगी। हालांकि, एक बार गेहूं की खेती शुरुआत की गई थी, लेकिन पानी की कमी की वजह से बाद में उसे बंद करनी पड़ी। सऊदी को अपना खाने-पीने का सारा सामान विदेशों से ही खरीदना पड़ता है।
 
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सऊदी अरब में आखिर कहां से आता है पानी? - फोटो : Freepik
सऊदी अरब के पास अब भूमिगत जल थोड़ा बहुत ही बचा है और वो भी बहुत नीचे है, लेकिन कहा जाता है कि आने वाले कुछ वर्षों में वो भी पूरी तरह खत्म हो जाएगा। एक रिपोर्ट के मुताबिक, पहले यहां पानी के बहुत सारे कुएं थे, जिनका इस्तेमाल हजारों वर्षों से होता आ रहा था, लेकिन जैसे-जैसे आबादी बढ़ती गई, भूमिगत जल का दोहन भी यहां बढ़ता गया। इसका नतीजा यह हुआ कि धीरे-धीरे कुंओं की गहराई बढ़ती गई और कुछ ही वर्षों में कुएं पूरी तरह सूख गए। 
 
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सऊदी अरब में आखिर कहां से आता है पानी? - फोटो : Freepik
सबसे बड़ी बात यह है कि यहां बारिश तो साल में एक या दो दिन ही होती है और वो भी तूफान के साथ। ऐसे में उस पानी को संचित करना संभव नहीं है और न ही उससे भूमिगत जल के दोहन की भरपाई ही हो पाती है। दरअसल, यहां पर समुद्र के पानी को पीने लायक बनाया जाता है। वैसे तो समुद्र के पानी में नमक की मात्रा ज्यादा होती है, इसलिए डिसालिनेशन यानी विलवणीकरण के द्वारा समुद्र के पानी से नमक को अलग किया जाता है और तब जाकर वह पीने लायक बनता है। 

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सऊदी अरब में आखिर कहां से आता है पानी? - फोटो : Freepik
एक रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब तेल से हुई बेशुमार कमाई का एक हिस्सा तो समुद्र के पानी को पीने लायक बनाने में ही खर्च कर देता है। 2009 के एक आंकड़े के मुताबिक, उस समय एक क्यूबिक मीटर पानी से नमक अलग करने में 2.57 सऊदी रियाल यानी करीब 50 रुपये खर्च होते थे। इसके अलावा ट्रांसपोर्टिंग का खर्च भी 1.12 रियाल (20 रुपये से ज्यादा) प्रति क्यूबिक मीटर लग जाता था।

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सऊदी अरब में आखिर कहां से आता है पानी? - फोटो : Freepik
अब तो यह खर्च बढ़ भी गया होगा, क्योंकि यहां पानी की मांग हर साल बढ़ती जा रही है। साल 2011 में सऊदी अरब के तत्कालीन पानी और बिजली मंत्री ने कहा था कि देश में पानी की मांग हर साल सात फीसदी की दर से बढ़ रही है। ऐसे में आप सोच सकते हैं कि यहां पानी की समस्या कितनी विकराल है।
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