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अजब-गजब: कैसे हुआ था धरती का निर्माण, इस गैस के जरिए जल्द उठेगा रहस्य से पर्दा

Fri, 01 Apr 2022 01:18 PM IST
ज्योति मेहरा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कैसे हुआ था धरती का निर्माण (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : istock
अरबों साल से धरती की उत्पत्ति को लेकर रहस्य बना हुआ है। हालांकि, समय-समय पर कई वैज्ञानिकों ने धरती की उत्पत्ति को लेकर कई दावे किए हैं, लेकिन अब तक इसके बनने की प्रक्रिया एक रहस्य की तरह बरकरार है। वहीं अब एक ताजा घटना में इस रहस्य से पर्दा उठने के संकेत मिल रहे हैं। बताया जा रहा है कि धरती के अंदरूनी हिस्से से एक गैस लीक हो रही है। दरअसल, ये वही गैस है जो ब्रह्मांड के बनने के समय नेबुला के लिए जरूरी थी। इसे हीलियम 3 गैस माना गया है, जो हीलियम गैस का दुर्लभ आइसोटोप है।

वैज्ञानिकों के अनुसार, ये धरती के अंदरूनी हिस्से (कोर) से लीक हो रही है। दरअसल, ये गैस बिग बैंग के तुरंत बाद बनी थी और इसके कारण सौर निहारिका (नेबुला) बना, जिसके बाद ही धरती की रचना हुई। यही कारण है कि वैज्ञानिक इस गैस के जरिए धरती के बनने की प्रक्रिया के बारे में जानने की कोशिश कर रहे हैं।
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कैसे हुआ था धरती का निर्माण (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : istock
धरती के कोर में मौजूद है हीलियम-3 गैस की प्रचुर मात्रा
अब वैज्ञानिक ये अनुमान लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि ये गैस कितनी मात्रा में लीक हो रही है। इससे पहले ये गैस पृथ्वी के मध्य हिस्से (मेंटल) से निकलती थी। वहीं अब पृथ्वी के कोर से लीक हो रही हीलियम-3 की खोज से ये बात सामने आई है कि हीलियम-3 गैस की प्रचुर मात्रा धरती के कोर में मौजूद है। 
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कैसे हुआ था धरती का निर्माण (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : istock
रेडियो सक्रिय पदार्थ से बनी हीलियम
हालांकि, ये गैस पृथ्वी के किस सटीक हिस्से में मौजूद है और कितनी मात्रा में है, इस बात पर पूरी जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। हीलियम-3 गैस कुछ प्राकृतिक प्रक्रियाओं से भी बनती है। जैसे रेडियोएक्टिव पदार्थ ट्रिटियम के अपघटन होने के बाद भी हीलियम 3 की उत्पत्ति होती है। लेकिन ये एक ऐसा तत्व है, जो नेबुला में ही सबसे पहले बना था। 

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कैसे हुआ था धरती का निर्माण (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : istock
एजीयू जियोकेमिस्ट्री जर्नल में इस खोज को प्रकाशित भी किया गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि पृथ्वी के निर्माण प्रक्रिया के दौरान धातु का कोर बहुत बड़ी मात्रा में रह गया, जिसके चलते पृथ्वी के कोर में हीलियम 3 भी बची रह गई। मुख्य रूप से रेडियोसक्रिय पदार्थ यूरेनियम व थोरियम के अपघटित होने से बना है। साथ ही इस खोज के जरिए सौर नेबुला से पृथ्वी के बनने के बारे में भी पता चलता है।
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कैसे हुआ था धरती का निर्माण (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : istock
कैसे बना धरती का कोर?
नासा की मानें तो नेबुला गैस और धूल के तूफान से बना था, जिसमें मुख्य रूप से हाइड्रोजन व हीलियम मौजूद थे। नेबुला में मौजूद धूल और गैस काफी छितराया हुआ था, लेकिन गुरुत्वाकर्षण की वजह से ये सभी एक साथ चिपककर गुच्छों के रूप में विकसित हो गए और फिर ये फैलता गया। साथ ही साथ गुरुत्वाकर्षण भी मजबूत से मजबूत होता गया।
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कैसे हुआ था धरती का निर्माण (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : istock
धीरे-धीरे ये गुच्छा अपने ही गुरुत्वाकर्षण से टकराया। जब ये टकराया तो फलस्वरूप इस गुच्छे का केंद्र बेहद गर्म हो गया। इसके बाद इस गर्म कोर ने तारे के रूप में जन्म ले लिया।
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कैसे हुआ था धरती का निर्माण (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : istock
शोधकर्ताओं का कहना है कि पृथ्वी के बनने की प्रक्रिया के दौरान शुरुआत में हीलियम कोर के अंदर जमा होने लगी थी। इसके बाद इससे चंद्रमा का निर्माण हुआ। यही कारण है कि इसके बाद हीलियम एक तरह से पृथ्वी से खत्म हो गया।
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कैसे हुआ था धरती का निर्माण (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : istock
हर साल पृथ्वी से निकलती है दो किलो हीलियम
वहीं करीब 4 अरब साल पहले पृथ्वी के एक तिहाई आकार की एक वस्तु आकर पृथ्वी से टकरा गई। ऐसे में धरती का क्रस्ट एक बार फिर से पिघलने लगा। इससे हीलियम 3 गैर का अधिकांश हिस्सा निकलने लगा। अब अनुमान लगाया जा रहा है कि आज भी करीब 2 किलोग्राम हीलियम गैस हर साल धरती के निचले हिस्से से निकलती है।
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