हमारे सौर मंडल के बाहर करीब 5000 ग्रह हैं। वैज्ञानिकों ने खुलासा किया है कि हाल के दिनों में किए गए शोध में पता चला है कि अनुमान से ज्यादा ग्रह अतंरिक्ष में घूम रहे हैं। उनका कहना है कि अंतरिक्ष में भटक रहे ग्रह बर्फीले 'फ्री-फ्लोटिंग प्लैनेट' या एफएफपी हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि वह यह बता सकते हैं ये ग्रह कैसे बनते हैं और कैसे समाप्त होते हैं।
वैज्ञानिकों ने बताया है कि रिसर्च करने के लिए ज्यादा से ज्यादा एक्सोप्लैनेट को खोजने से पता चला कि आखिर यह ग्रह क्या हैं। उनका कहना है कि ग्रहों और 'ब्राउन ड्वार्फ्स' के बीच वाली रेखा तेजी से धुंधली होती चली गई है। ऐसे ठंडे तारों को ब्राउन ड्वार्फ्स कहते हैं जो हाइड्रोजन को फ्यूज नहीं कर पाते। बहुत समय तक यह चर्चा का विषय रहा कि आखिर कोई चीज ग्रह है या ब्राउन ड्वार्फ्स। आइए जानते हैं कि वैज्ञानिकों ने और क्या-क्या बताया है।