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Himba Tribe: जिंदगी में सिर्फ एक बार नहाती हैं ये आदिवासी महिलाएं, बच्चों के जन्म पर करती हैं कुछ ऐसा

Tue, 14 Jun 2022 11:08 AM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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जिंदगी में सिर्फ एक बार नहाती हैं ये आदिवासी महिलाएं - फोटो : Pixabay
Himba Tribe: दुनिया में कई रहस्यमयी जनजातियां पाई हैं। इनकी परंपरा, रहन-सहन और खान-पान के लिए हमेशा चर्चा होती है। दुनिया में रहने वाली आदिवासी प्रजातियां आज भी हजारों साल पुरानी परंपराओं का पालन करती हैं। ये जनजातियां जिन जंगलों में रहती हैं  इनका उन पर पूरा अधिकार होता है। सरकारें भी इन प्रजातियों के अधिकारों में दखल नहीं देती हैं। दुनिया में इन जनजातियों में कुछ बेहद अनोखी होती हैं। 

एक तरफ जहां लोग विकास और आधुनिकता को अपना रहे हैं और अपनी परंपराओं और रीति-रिवाजों को भूलते जा रहे हैं। वहीं यह जनजातियां अपने परंपराओं और रीति-रिवाजों का आज भी पालन करती हैं। अफ्रीका महाद्वीप में ऐसी ही एक आदिवासी जनजाति पाई जाती है। इनकी कुछ ऐसी परंपराएं हैं जिनके बारे में जानकर आप हैरत में पड़ जाएंगे। अफ्रीका की इस जनजाति का नाम हिंबा है जो नामीबिया में रहती है। आइए जानते हैं इस अनोखी आदिवासी जनजाति के बारे में...
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जिंदगी में सिर्फ एक बार नहाती हैं ये आदिवासी महिलाएं - फोटो : iStock

हिंबा जनजाति बेहद अनोखी है, क्योंकि यहां बच्चों के पैदा होने पर काफी दिलचस्प परंपरा है। इस जनजाति में जन्म की तिथि बच्चे दुनिया में आने के बाद नहीं मानी जाती है बल्कि जब महिला बच्चे के बारे में सोचती है तब से ही बच्चे का जन्म माना जाता है। 
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जिंदगी में सिर्फ एक बार नहाती हैं ये आदिवासी महिलाएं - फोटो : iStock
बच्चों के लिए खासा गीत 

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, महिलाओं को बच्चों से गीत सुनने का सुझाव दिया जाता है। इसके बाद से वह पेड़ के नीच बैठकर बच्चों से संबंधित गीत सुनने की कोशिश करती है। इसके बाद वह गीत अपने साथ को भी गाकर सुनाती है। दोनों जब संबंध बनाते हैं तब भी वह इस गीत को गाते हैं। जब महिला गर्भवती हो जाती है, तो जनजाति की दूसरी महिलाओं को गीत सिखाती है। जब महिला गर्भवती होती है, तो उसको घेर सभी यह गीत गाते हैं। इंसान के आखिरी सांस तक उसको गीत सुनाया जाता है। 

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जिंदगी में सिर्फ एक बार नहाती हैं ये आदिवासी महिलाएं - फोटो : iStock

नहाने को लेकर है ये परंपरा

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि हिंबा जनजाति की महिलाएं अपनी पूरी जिंदगी में सिर्फ एक बार नहाती हैं। वह भी अपनी शादी के दिन। इससे भी हैरान करने वाली बात यह है कि वह अपने कपड़े धोने के लिए पानी का इस्तेमाल नहीं कर सकती हैं। 
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जिंदगी में सिर्फ एक बार नहाती हैं ये आदिवासी महिलाएं - फोटो : iStock
खुद को साफ रखने के लिए अपनाती हैं खास तरीका

इस जनजाति की महिलाओं खुद को साफ रखने के लिए खास तरीका अपनाती हैं। वह खास जड़ी-बूटियों को पानी में उबालती हैं और भाप से खुद को साफ रखती हैं जिससे शरीर से बदबू नहीं आती है। इसके साथ धूप से चमड़ी को बचाने के लिए खास लोशन का लगाती है। जो जानवरों की चर्बी और लोहे की तरह एक खनिज तत्व, हेमाटाइट से बनता है। 
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