प्रतीकात्मक तस्वीर
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भविष्य में इस थैरेपी के इस्तेमाल से इंसानों के उम्र बढ़ाने, अधिक दिन तक जवान रहने या बुढ़ापे से संबंधित बीमारियों को ठीक करने में मदद लिया जा सकता है। वैज्ञानिकों द्वारा ईजाद की गई इस नई थैरेपी को लेकर साइंस ट्रांसलेशनल मेडिसिन जर्नल में एक रिसर्च रिपोर्ट प्रकाशित हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस जीन थैरेपी में kat7 नाम के जीन को असक्रिय किया जाता है। क्योंकि कोशिकाओं के बूढ़े होने में यही जीन जिम्मेदार है।