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ये है वो दरवाजा जिसे कहते हैं 'नर्क का द्वार', इसके अंदर जाने वाला कभी लौटकर नहीं आया वापस

Tue, 17 Dec 2019 07:18 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नर्क का द्वार, तुर्की - फोटो : Social media
दुनिया में ऐसी कई जगहें हैं, जो किसी न किसी वजह से रहस्यमय बनी हुई हैं। एक ऐसी ही जगह तुर्की के प्राचीन शहर हेरापोलिस में है, जहां एक बेहद ही प्राचीन मंदिर है। इस मंदिर को लेकर कहा जाता है कि यहां 'नर्क का द्वार' है, जिसके अंदर जाना तो दूर, पास जाने वाला भी कभी लौटकर वापस नहीं आया। 
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नर्क का द्वार, तुर्की - फोटो : Social media
कहा जाता है कि इस मंदिर के संपर्क में आते ही इंसान से लेकर पशु-पक्षी तक मर जाते हैं। कई साल पहले तक यह जगह रहस्यमय बनी हुई थी, क्योंकि लोगों का ऐसा मानना था कि यहां आने वालों की मौत यूनानी देवता की जहरीली सांसों की वजह से हो रही है। 
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नर्क का द्वार, तुर्की - फोटो : Social media
यहां लगातार हो रही मौतों की वजह से लोग इस मंदिर के दरवाजे को 'नर्क का द्वार' कहने लगे। कहते हैं कि ग्रीक, रोमन काल में भी लोग मौत के डर की वजह से यहां जाने से डरते थे। 

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नर्क का द्वार, तुर्की - फोटो : Social media
हालांकि वैज्ञानिकों द्वारा लोगों की रहस्यमय मौतों की गुत्थी सुलझा ली गई है। वैज्ञानिकों का मानना है कि मंदिर के नीचे से लगातार जहरीली कार्बन डाई ऑक्साइड गैस रिसकर बाहर निकल रही है, जिसके संपर्क में आते ही इंसानों और पशु-पक्षियों की मौत हो जाती है। 
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नर्क का द्वार, तुर्की - फोटो : Social media
वैज्ञानिकों के शोध के मुताबिक, मंदिर के नीचे बनी गुफा में बहुत बड़ी मात्रा में कार्बन डाई ऑक्साइड गैस पायी गई है। जहां आमतौर पर मात्र 10 फीसदी कार्बन डाई ऑक्साइड ही किसी भी इंसान को महज 30 मिनट में मौत की नींद सुला सकता है, वहीं यहां गुफा के अंदर इस जहरीली गैस की मात्रा 91 फीसदी है। 
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नर्क का द्वार, तुर्की - फोटो : Social media
आश्चर्यजनक रूप से गुफा के अंदर से निकल रही भाप की वजह से ही यहां आने वाले कीड़े-मकोड़े और पशु-पक्षी मारे जाते हैं। ये जगह पूरी तरह से वाष्प से भरी होने की वजह से काफी धुंधली और घनी है, जिसकी वजह से यहां जमीन भी मुश्किल से ही दिखाई देती है। 
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