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Fermi Paradox: आखिर हम लोगों की मुलाकात एलियंस के साथ क्यों नहीं हो रही? जानिए क्या कहती है इस पर फर्मी पैराडॉक्स थ्योरी

Sun, 24 Oct 2021 01:00 PM IST
संकल्प सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Fermi Paradox - फोटो : Istock
स्ट्रिंग थ्योरी के को-फाउंडर मिचिओ काकू अपनी पुस्तक द फ्यूचर ऑफ ह्यूमेनिटी में सभ्यता के तीन चरण के बारे में बताते हैं Type-1, Type-2 और Type-3 Civilization। Type-1 सिविलाइजेशन वह सभ्यता होती है, जो अपने प्लेनेट को पूरी तरह कंट्रोल करके उसकी ऊर्जा का इस्तेमाल करती है। वहीं Type-2 सिविलाइजेशन में उन्होंने उस सभ्यता को रखा है, जो अपने सौर मंडल को नियंत्रित कर सकती है और अपने सूर्य की ऊर्जा का इस्तेमाल अपने विकास के लिए करती है। अंत में आती है Type-3 सिविलाइजेशन। Type-3 सभ्यता पूरी आकाशगंगा को कंट्रोल करने की क्षमता रखती है। हमारा ब्रह्मांड 90 बिलियन प्रकाश वर्ष में फैला हुआ है। ऐसे में इस बात की एक बड़ी संभावना जताई जाती है कि अंतरिक्ष में ऐसी इंटेलिजेंट लाइफ जरूर इवोल्व हुई होगी, जो टाइप-1,2 या 3 के चरण को पूरा करती हो। आज जिस फर्मी पैराडॉक्स की बात हम करने जा रहे हैं, उसका संबंध इसी के साथ जुड़ा है। आइए जानते हैं इस अनोखे फर्मी पैराडॉक्स के बारे में -
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Fermi Paradox - फोटो : Istock
इस अनोखी थ्योरी को नोबेल पुरस्कार विजेता और इटालियन अमेरिकन फिजिसिस्ट Enrico Fermi ने दिया था। इस थ्योरी की परिकल्पना कहती है कि 90 बिलियन प्रकाश वर्ष में फैले इस विशाल ब्रह्मांड में अरबों की संख्या में तारे मौजूद हैं। हमारी मिल्की वे अकाशगंगा में सूर्य जैसे करीब 20 बिलियन तारे हैं। विशेषज्ञों की मानें तो अगर 0.1 प्रतिशत तारों के हेबिटेबल जोन में कोई प्लेनेट है, तो करीब 10 लाख प्लेनेट ऐसे हो सकते हैं, जहां पर पृथ्वी के जैसा ही जीवन मौजूद हो।  
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Fermi Paradox - फोटो : Istock
ऐसे में इस बात की बड़ी संभावना है कि उन ग्रहों पर इंटेलिजेंट लाइफ विकसित हो चुकी है या हुई होगी। हालांकि जीवन और इस ब्रह्मांड को लेकर हमारी समझ काफी सूक्ष्म है। वैज्ञानिकों द्वारा इस बात के बड़े कयास लगाए जाते हैं कि इस ब्रह्मांड में ऐसी कई इंटेलिजेंट लाइफ हैं, जो हमारी समझ के भी परे हैं।

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Fermi Paradox - फोटो : Istock
फर्मी पैराडॉक्स की मानें तो ये इंटेलिजेंस लाइफ इतनी एडवांस हो चुकी हैं कि उनके द्वारा आसानी से इंटरेस्टेलर ट्रेवल भी किया जा सकता है। वे किसी भी ग्रह सूर्य और तारों के निकट आसानी से आ जा सकते हैं। फर्मी पैराडॉक्स में ऐसे कई दावे किये गए हैं, जिनके बारे में सुनकर आप हैरान हो जाएंगे। 
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Fermi Paradox - फोटो : Istock
फर्मी पैराडॉक्स के अनुसार उन एडवांस एलियन लाइफ द्वारा आकाशगंगा में कई ग्रहों को अपना उपनिवेश बनाया गया होगा। अगर कोई एक्स्ट्रा टेरेस्ट्रियल लाइफ इतनी उन्नत हुई होगी कि जो सिविलाइजेशन के तीसरे चरण पर पहुंच गई हो, तो उसके द्वारा पूरी आकाशगंगा को नियंत्रित किया जा सकता है। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर ये हुआ है तो सभी के सभी एलियंस कहां हैं? इसी पैराडॉक्स को फर्मी पैराडॉक्स के नाम से जाना जाता है। 
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Fermi Paradox - फोटो : Pixabay
कई दूसरी थ्योरीज भी हैं, जो इस पैराडॉक्स का जवाब देती हैं जैसे द ग्रेट फिल्टर थ्योरी या जू थ्योरी। उनके मुताबिक अंतरिक्ष में एक ऐसा बैरियर है, जो हमें एलियंस के साथ मिलने से रोक रहा है। पर आज तक उनका कोई निशान हमको नहीं मिला है। Enrico Fermi द्वारा दी गई ये थ्योरी महज एक परिकल्पना है। इसमें कितनी हकीकत है और कितना फसाना ये कोई नहीं जानता है।
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