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13 नंबर की संख्या से क्यों डरती है दुनिया ? जानिए इसके पीछे का राज

Wed, 13 Nov 2019 10:24 AM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
13 नंबर की संख्या को पूरी दुनिया अशुभ मानती है। शायद आप भी इस नंबर से जुड़े रहस्य के बारे में जानते होंगे। अगर आपको इसके बारे में कुछ नहीं पता है तो इसे जानना बेहद जरूरी है, क्योंकि आपकी जिंदगी में भी कई ऐसे मौके आएंगे, जहां आपका सामना 13 नंबर से हो सकता है। आपको बता दें कि भारत के साथ-साथ पूरी दुनिया में 13 नंबर को मनहूस संख्या के तौर पर देखा जाता है। इसी वजह से लोग इस संख्या के इस्तेमाल से बचना चाहते हैं। वहीं अगर माह के 13 तारीख को शुक्रवार का दिन पड़ जाए तो लोग और डर जाते हैं। कुछ लोग तो ऐसे भी होते हैं जो इस संख्या को अपनी जुबान पर नहीं लाना चाहते हैं। आइए जानते हैं आखिर इस नंबर में कौन सा रहस्य छिपा है, जिससे पूरी दुनिया डरती है...
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
खासतौर से पश्चिमी देशों में आपको 13 नंबर का अच्छा खासा डर देखने को मिलेगा। वहां के लोगों के बीच 13 नंबर का जैसा भय का माहौल नजर आएगा, आपको शायद ही कहीं और वैसा नजर आए। लेकिन जब आप उनके इस डर की वजह जान लेंगे तो शायद 13 नंबर से आप भी परहेज करने लग जाएंगे। हमारा उद्देश्य आपको डराना नहीं बल्कि 13 नंबर से जुड़े कुछ रहस्यमयी तथ्यों से आपको रूबरू कराना है। इसी वजह से दुनिया में ऐसा माहौल तैयार हो गया है कि लोगों ने इस अंक से ही दूरी बनाना शुरू कर दिया है। ये तथ्य आपको वाकई सोचने पर मजबूर कर सकता है।  
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
थर्टीन डिजिट फोबिया

कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, 13 नंबर को इसलिए अशुभ माना जाता है, क्योंकि एकबार ईसा मसीह के साथ एक ऐसे शख्स ने विश्वासघात किया था जो उन्ही के साथ रात्रिभोज कर रहा था। वह शख्स 13 नंबर की कुर्सी पर बैठा हुआ था। बस तभी से लोगों ने इस अंक को दुर्भाग्यपूर्ण समझ लिया और उसके बाद से इस नंबर से दूर भागने लगे। मनोविज्ञान ने 13 अंक के इस डर को ट्रिस्काइडेकाफोबिया या थर्टीन डिजिट फोबिया नाम दिया है। डर इस हद तक बढ़ गया कि इसकी वजह से लोगों ने 13 नंबर का इस्तेमाल करना ही बंद कर दिया।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
विदेश में 13 नंबर का डर

अगर आप फॉरेन ट्रिप पर गए हों और आपको किसी होटल में ठहरते वक्त 13 नंबर का कोई रूम या किसी इमारत में 13वीं मंजिल न नजर आए तो समझ जाना कि होटल का मालिक 13 नंबर को अशुभ मानता है। आपको बहुत से लोग ऐसे भी दिख सकते हैं जो किसी होटल में 13 नंबर के रूम को लेना बिल्कुल पसंद नहीं करते। इसके अलावा आपको किसी बार या रेस्टोरेंट में 13 नंबर की खाने की टेबल नहीं दिखाई देगी। वहीं बात करें फ्रांस की तो वहां के लोगों का मानना है कि खाने की मेज पर 13 कुर्सियां होना अच्छा नहीं है। इटली के कई ओपरा हाउस में भी 13 नंबर के इस्तेमाल से बचा जाता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
भारत में 13 नंबर का असर

आपकी जानकारी के लिए बता दें 13 नंबर का यह डर न सिर्फ पश्चिमी देशों पर बल्कि भारत के लोगों पर भी सवार है। यहां भी बहुत से लोग इस अंक को अशुभ मानते हैं। आपको यह बात शायद ही मालूम हो कि सपनों के शहर कहे जाने वाले चंडीगढ़ देश का सबसे सुनियोजित शहर माना जाता है। यह पंडित जवाहरलाल नेहरू के सपनों का शहर हुआ करता था, लेकिन आप ये नहीं जानते होंगे कि इस सुनियोजित शहर में सेक्टर 13 नहीं है। दरअसल, इस शहर का नक्शा बनाने वाले आर्किटेक्ट ने 13 नंबर का सेक्टर ही नहीं बनाया। वह 13 नंबर को अशुभ मानता था। उस आर्किटेक्ट को इस शहर को डिजाइन करने के लिए विदेश से बुलवाया गया था।
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भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
अटल बिहारी वाजपेयी पर भी रहा इसका असर

अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन से भी 13 नंबर का गहरा संबंध रहा है। अगर आपको याद हो उनके प्रधानमंत्रित्व काल में उनकी सरकार पहली बार महज 13 दिन ही स्थिर रह सकी। इसके बाद फिर जब वाजपेयी के सामने दोबारा शपथ ग्रहण का मौका आया तो उन्होंने 13 तारीख को चुना। इसके बाद उनकी यह सरकार भी सिर्फ 13 महीने तक ही चली। पुन: वाजपेयी ने 13वीं लोकसभा के प्रधानमंत्री के रूप में, 13 दलों के सहयोग से 13 तारीख को ही शपथ ली, लेकिन फिर 13 को ही हार का सामना करना पड़ा। कई लोग इसे महज संयोग नहीं मानते।
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