इस जगह रावण का पुतला जलाना है पाप
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भगवान शिव ने कहा कि अगर तुम्हें अमर होना है, तो इसको लंका में ले जाकर स्थापित करना। इसके बाद रावण शिवलिंग को लेकर चल दिया, लेकिन देवता चाहते थे कि रावण अमर न हो। लेकिन भगवान विष्णु ने अपनी माया से शिवलिंक को रास्ते में रखवा दिया। दरअसल रावण को लघुशंका लगी और उसने शिवलिंग को एक गड़ेरिए को पकड़ा दिया, लेकिन गड़ेरिए ने शिवलिंग को नीचे रख दिया। इसके बाद रावण ने यहीं पर भगवान शिव की तपस्या से मोक्ष का वरदान प्राप्त किया था।