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जब फ्लाइट में अचानक बिगड़ गई एक बुजुर्ग की तबीयत, डॉक्टर ने मुंह से यूरिन चूस बचाई जान

Fri, 22 Nov 2019 07:57 PM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pexels.com
इंसान हो या जानवर सभी को अपने जीवन से बहुत प्यार होता है। लेकिन कई बार स्वास्थ्य से जुड़ी ऐसी परेशानियां हो जाती हैं कि जीवन पर खतरा बन आता है। हालांकि विकट से विकट परिस्थिति में भी डॉक्टर मौत के मुंह से वापस लाकर इंसान को नई जिंदगी देते हैं। यूं कहें तो डॉक्टर भगवान का दूसरा रूप होता है। ऐसा ही एक मामला चीन से अमेरिका के न्यूयॉर्क जा रही एक फ्लाइट में देखने को मिला जहां यात्रा कर रहे एक डॉक्टर ने दूसरे बुजुर्ग यात्री की जान बचाकर उसे नई जिंदगी दी। हैरान करने वाली बात यह है कि इस डॉक्टर ने बुजुर्ग मरीज को ठीक करने के लिए आधे घंटे से ज्यादा समय तक उसके मूत्राशय से मूत्र को चूसकर बाहर निकाला।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pexels.com
खबरों के मुताबिक, चीन के गुआंगजौ से न्यूयॉर्क जाने वाली फ्लाइट में ये बुजुर्ग यात्री सफर कर रहे थे। न्यूयॉर्क पहुंचने से करीब छह घंटे पहले ही उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। पेशाब न कर पाने की वजह से यह बुजुर्ग बहुत परेशान थे। चिकित्सा सहायता के लिए इस बात की जानकारी क्रू मेंबर्स को दी गई। इसके बाद फ्लाइट के क्रू मेंबर्स ने बुजुर्ग के लिए पायलट केबिन के पास ही एक अस्थाई बिस्तर का इंतजाम किया।
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डॉक्टर झांग - फोटो : Asia Wire
मरीज को प्राथमिक सहायता देने के लिए क्रू मेंबर्स ने यात्रियों से पूछा कि क्या यहां कोई डॉक्टर सफर कर रहा है? जानकारी मिलने के बाद फ्लाइट में यात्रा कर रहे एक सर्जन डॉक्टर झांग मरीज के मदद के लिए आगे आए। डॉक्टर झांग ने जब जांच किया तो पाया कि पेशाब करने में असमर्थ होने की वजह से मरीज के मूत्राशय में करीब एक लीटर से ज्यादा मूत्र भर गया है। जमा हो रखे इस मूत्र को जल्दी बाहर निकालना जरूरी था अन्यथा मूत्राशय फटने की वजह से मरीज की जान भी जा सकती है।

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डॉक्टर झांग - फोटो : Asia Wire
हवाई जहाज में कोई ऐसा मेडिकल उपकरण नहीं मौजूद था जिससे मरीज के मूत्र को बाहर निकाला जाए। डॉक्टर झांग ने हवाई जहाज में ही मौजूद सामान से ही उपकरण बनाने का विचार किया। इसके लिए उन्होंने ऑक्सीजन मास्क, एक सिरिंज, टेप और दूध की बोतल का इस्तेमाल किया। मूत्र निकालने के लिए डॉक्टर झांग ने सिरिंज का इस्तेमाल किया लेकिन यह काम नहीं कर सका। वहीं मरीज का मूत्राशय इतना फुल चुका था कि थोड़े से दबाव पर ही वो फट सकता था।
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डॉक्टर झांग - फोटो : Asia Wire
जब डॉक्टर झांग को कोई रास्ता नहीं दिखा तो उन्होंने मुंह से ही मूत्र को चूसकर बाहर निकालने का फैसला किया। इसके लिए उन्होंने एक कप और पाइप की नली का सहारा लिया। इसके लिए उन्होंने पाइप की नली और कप का इस्तेमाल किया। डॉक्टर झांग ने करीब 37 मिनट तक मरीज का लगभग 700 से 800 मिलीलीटर मूत्र चूसकर बाहर निकाला और उसकी जान बचा ली। मरीज के मूत्र को केबिन क्रू द्वारा एक बोतल में जमा कर लिया गया ताकि बाद में पता चल सके कि कितना पेशाब बाहर आया है। डॉक्टर झांग के इस काम ने इस बात को फिर से साबित कर दिया कि भगवान का दूसरा रूप इस धरती पर डॉक्टर ही होते हैं।
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