प्राचीन भारत में ऐसे-ऐसे महान व्यक्ति पैदा हुए हैं, जो आज भी याद किए जाते हैं। ऐसे ही थे महान आचार्य चाणक्य, जो 'कौटिल्य' के नाम से भी विख्यात हैं। वह तक्षशिला विश्वविद्यालय के आचार्य थे। उन्होंने कई ग्रंथों की रचना की है, जिनमें 'अर्थशास्त्र' सबसे प्रमुख है। अर्थशास्त्र को मौर्यकालीन भारतीय समाज का दर्पण माना जाता है। इसके अलावा भी उन्होंने कई ऐसे काम किए हैं, जिनकी बदौलत उन्हें हमेशा से याद किया जाता रहा है और शायद आगे भी याद किया जाता रहेगा। माना जाता है कि आचार्य चाणक्य का जन्म ईसा पूर्व 375 में हुआ था जबकि मृत्यु ईसा पूर्व 283 में हुई थी, लेकिन उनकी मौत कैसे हुई थी, यह आज भी एक रहस्य ही बनी हुई है।