प्रतीकात्मक तस्वीर
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2016 में इस आइसबर्ग का क्षेत्रफल करीब 4,143,980 वर्ग किमी में था, जो घटकर अब मात्र 9.99 लाख वर्ग किलोमीटर में सिमट गया है। वैज्ञानिकों का मानना है कि जिस तेजी से यह आइसबर्ग पिघल रही है उस हिसाब से 2030 तक यह पूरी तरह से खत्म हो जाएगी।