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Weird News: कैसे मछलियों को लग रही नशे की लत? टल्ली होने पर कर रही हैं ये काम, वैज्ञानिकों के उड़े होश

Sat, 25 Apr 2026 04:24 PM IST
Dharmendra Kumar Singh फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Weird News: स्वीडन के वैज्ञानिकों ने एक शोध किया है, जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। यह पानी में रहने वाली मछलियों पर किया गया है। इस शोध में पाया गया है कि मछलियों की नशे की लत लग रही है। 
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कैसे मछलियों को लग रही नशे की लत? - फोटो : AI
Weird News: इंसानों को नशे की लत की बात अक्सर सुनने को मिलती है। लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि किसी जीव को नशे की लत लग गई हो। अब एक ऐसा खुलासा हुआ है, जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। स्वीडन के वैज्ञानिकों ने एक शोध किया है, जिसमें पता चला है कि नदियों में घुल रही कोकीन के कारण सैल्मन मछलियां नशे की चपेट में आ गई हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि नशा करने के बाद उनका व्यवहार भी पूरी तरह बदल गया। मछलियां पहले से कहीं ज्यादा फुर्तीली और तेज हो गई हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह पर्यावरण के लिए एक खतरनाक संकेत हैं। 

कैसे मछलियों को लगी नशे की लत? 

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पर्यावरण विषविज्ञानी जैक ब्रांड ने वर्ष 2022 मे स्वीडन में एक विशेष तरह का शोध किया।  वह पता लगाना चाहते थे कि कैसे अवैध दवाओं का कचरा पानी में मछलियों को प्रभावित कर रहा है। इस दौरान कई सैल्मन मछलियों को कोकीन दी गई। इसके लिए उन्होंने स्थानीय प्रशासन से इजाजत मांगी थी। करंट बायोलॉजी जर्नल में यह शोध प्रकाशित हुआ है, जिसके दुनियाभर को हैरान कर दिया है। 
 
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कैसे मछलियों को लग रही नशे की लत? - फोटो : Adobe Stock
डॉ ब्रांड अपनी टीम के साथ मिलकर स्वीडन की एक झील, जिसका नाम वैटर्न है। उन्होंने झील में दो साल की सैल्मन मछलियों को छोड़ दिया, जिनके शरीर में छोटे कैप्सूल फिट गए थे। यह कैप्शूल धीरे-धीरे कोकीन और उसके उप-उत्पाद बेंजोइलेकगोनिन को छोड़ते थे। यह मात्रा उतनी थी, जितनी आमतौर पर प्रदूषित नदियों में मिलती है। वैज्ञानिकों ने देखा कि कोकीन से प्रभावित मछलियां सामान्य मछलियों की तुलना में बहुत तेजी से तैर रही थीं और ज्यादा दूरी तय कर रही थीं। इसके साथ ही रास्ता भी भटक जा रही हैं। 
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कैसे मछलियों को लग रही नशे की लत? - फोटो : Freepik
शोध के नतीजे देखकर वैज्ञानिकों के उड़े होश

शोध में सबसे हैरान करने वाला खुलासा कोकीन के उप-उत्पाद बेजोइलेकगोनिन को लेकर हुआ था। यह तत्व शरीर में कोकीन के टूटने पर बनता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि मछलियों को जब इसकी खुराक मिली, तो वो शुद्ध कोकीन लेने वाली मछलियों से भी अधिक सक्रिय हो गईं। हर सामान्य से मछली से करीब दोगुना ज्यादा दूरी तय कर रही थीं। इससे पता चला कि कोकीन का कचरा असली ड्रग से भी ज्यादा खतरनाक है। वैज्ञानिकों ने 105 मछलियों को तीन समूहों में बांट दिया। एक सममू को कोकीन, दूसरे को बेजोइलेकगोनिन और तीसरे को बिना किसी केमिकल वाला कंट्रोल्ड समूह। वैज्ञानिकों ने इन हरकतों पर दो महीने तक नजर रखा। 

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कैसे मछलियों को लग रही नशे की लत? - फोटो : Adobe Stock
क्या है पर्यावरण के लिए खतरा? 

वैज्ञानिक टॉमस ब्रोडिन ने कहा कि अगर सिर्फ कोकीन पर ध्यान दिया जाता है, तो उसके खतरनाक अवशेषों के पारिस्थितिक प्रभावों को अनदेखा कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक मछली का सवाल नहीं है। उन्होंने बताया कि इंसान जिन प्रोजैक, एडविल और बेनिड्रिल जैसी दवाओं का इस्तेमाल करते हैं, वो पूरी दुनिया के जल निकायों में मिल रही हैं। इससे पहले एक शोध में खुलासा हुआ था कि एंटी-एंजायटी के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाओं के संपर्क में आने के बाद मछलियां डरती नहीं है। इससे शिकारियों के उन्हें शिकार करने का खतरा बढ़ता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी इस और ज्यादा शोध करने की जरूरत है। 

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कैसे मछलियों को लग रही नशे की लत? - फोटो : Adobe Stock
क्यों चिंतित हैं वैज्ञानिक? 

वैज्ञानिकों का कबना है कि इंसानों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले हर केमिकल को समझना और उन पर प्रबंधित लगाना चाहिए, जो नदियों और झीलों में पहुंच रहे हैं। उनका कहना है कि इस पता चलता है कि प्रदूषित पानी में सभी जीवों का व्यवहार बदल सकता है। उनकी मांग है कि सरकारों और वैज्ञानिकों जल प्रदूषण के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए, जिससे प्रकृति का संतुलन को बिगड़ने बचाया जा सके। कोकीन प्रदूषण अब पूरी प्रकृति की समस्या बन गया है। 
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