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Zara Hatke: यहां पर घर के बाहर लोग नींबू मिर्ची नहीं टांगते हैं ऐसी चीज, जानकर सौ बार सोचेंगे आप

Mon, 07 Apr 2025 02:14 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Zara Hatke: दुनिया के अलग-अलग देशों में अलग-अलग रीति रिवाजों और परंपराओं का पालन किया जाता है। कई देशों की अजोबीरगरीब परंपराओं के बारे में जानकर आपको हैरानी होगी। आज हम आपको अपनी इस खबर में एक अनोखी परंपरा के बारे में बताने जा रहें, जिसका पालन भूटान में किया जाता है।
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यहां पर घर के बाहर लोग नींबू मिर्ची नहीं टांगते हैं ऐसी चीज - फोटो : Adobe Stock
Zara Hatke: दुनिया के अलग-अलग देशों में अलग-अलग रीति रिवाजों और परंपराओं का पालन किया जाता है। कई देशों की अजोबीरगरीब परंपराओं के बारे में जानकर आपको हैरानी होगी। आज हम आपको अपनी इस खबर में एक अनोखी परंपरा के बारे में बताने जा रहें, जिसका पालन भूटान में किया जाता है। देश की इस पंरपरा के बारे में जानकर आप हैरान हो जाएंगे। साथ ही आपके मन में सवाल खड़ा होगा कि आखिर ऐसा क्या किया जाता है? 

अभी तक आपने देखा होगा कि लोग बुरी नजर से बचने के लिए घर के बाहर नींबू मिर्ची बांधकर रखते हैं। कहा जाता है कि ऐसा करने से कोई भी नकारात्मक चीज घर से दूर रहती है। लेकिन क्या आपने कभी देखा है कि कोई घर के बाहर पुरुष का प्राइवेट यानी लिंग भी टांगता है? लेकिन भूटान में लोग ऐसा करते हैं। इस अनोखी परंपरा की एक विशेष मान्यता है। 

 
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यहां पर घर के बाहर लोग नींबू मिर्ची नहीं टांगते हैं ऐसी चीज - फोटो : Adobe Stock
भूटान में  एक चिमी ल्हाखांग प्रसिद्ध मंदिर। यह मंदिर लामा द्रुकपा क्यूनले को समर्पित है। इन्होंने अपनी शक्तिशाली लिंग से एक राक्षसी को हराया था। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यहां घरों की दीवारों पर अलग-अलग रंगों और सुंदर डिजाइनों में बनी विशाल लिंग की पेंटिंग लगाई गई हैं। मंदिरों के दरवाजों पर बड़े-बड़े लकड़ी के उकेरे लिंग और छोटे-छोटे लिंग के प्रतीक हैं, जिन्हें घरों और दुकानों के दरवाजों पर लगाया गया है। 
 
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यहां पर घर के बाहर लोग नींबू मिर्ची नहीं टांगते हैं ऐसी चीज - फोटो : Adobe Stock
एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने वीडियो में गांव को दिखाया गया है। उसके मुताबिक, चिमी ल्हाखांग भूटान के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में शामिल है। यहां पर महिलाएं संतान प्राप्ति के आशीर्वाद के लिए आती हैं। इसलिए इसे भूटान का फर्टिलिटी मंदिर कहते हैं। उनका कहना है कि स्थानीय लोग मानते हैं कि लिंग की पेंटिंग न सिर्फ प्रजनन को बढ़ावा देती हैं, बल्कि बुरी आत्माओं को दूर भगाती है और बुरी नजर से भी बचाती है। 

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यहां पर घर के बाहर लोग नींबू मिर्ची नहीं टांगते हैं ऐसी चीज - फोटो : Adobe Stock
मंदिर की रोचक बातें

नवांग चोग्याल ने मंदिर का निर्माण कराया था, जो 14वें द्रुकपा माने जाते थे। मंदिर के अंदर बने स्तूप को एक योगी ने बनाया था, जिनको वहां 'डिवाइन मैडमैन' के नाम से जाना जाता है। डिवाइन मैडमैन का मतलब होता है कि भगवान की भक्ति में लीन रहने वाला व्यक्ति। द्रुकपा कुनली नाम के बौद्ध धर्म गुरु थे। कहा जाता है कि वह तिब्बत से भूटान आए थे और अपने साथ बौद्ध धर्म को लेकर यहां आए। उनके शिक्षा देने का बिल्कल अलग अंदाज था और पागलों की तरह गाया करते थे। इसकी वजह से उन्हें डिवाइन मैडमैन कहा जाता था।

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यहां पर घर के बाहर लोग नींबू मिर्ची नहीं टांगते हैं ऐसी चीज - फोटो : Adobe Stock
बताया जाता है कि पुनाखा में एक आत्मा को भगाने के लिए द्रुकपा कुनली आए थे। उन्होंने लिंग के आकार का डंडा बनाया और उससे भूत पर हमला किया, जसिके बाद भूत ने कुत्ते का रूप धारण कर लिया। डिवाइन मैडमैन मरे कुत्ते को स्तूप में ले आए और तब से लिंग को वहां पर महत्व देने लगे। इसके बाद से ही वहां गांव में लोगों के घर, दुकान आदि पर भी लिंग की आकृति उकेरी रहती है।
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