प्रतीकात्मक तस्वीर
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गोबर और गोमूत्र
गाय, गोबर और गोमूत्र जैसे मुद्दे भारतीय जनता पार्टी के एजेंडे में दिखते रहे हैं। लेकिन छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी की सरकार ने इन मुद्दों पर अपना ध्यान केंद्रित करना शुरू किया है। "छत्तीसगढ़ के चार चिन्हारी, नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी" (छत्तीसगढ़ के चार चिन्ह- नाला, गोवंश, जैविक कचरा और घर से लगी हुई खेत, जिसमें सब्जी उगाई जाती है) - के नारे के साथ सत्ता में आई कांग्रेस पार्टी ने जलप्रबंधन, गोधन, घरों से निकलने वाले जैविक कचरे से खाद निर्माण और घर से सटी हुई जमीन पर सब्जी-भाजी उगाने की अपनी योजना को पहले दिन से ही लागू करने की घोषणा की थी। सत्ता में आने के बाद से राज्य सरकार गाय और बैलों को एक जगह रखने के लिये गांव-गांव में गौठान का निर्माण कर रही है। अधिकारियों के अनुसार अब तक प्रदेश में 2200 गौठान बनाए जा चुके हैं, इसके अलावा 2800 गौठान जल्दी ही तैयार हो जाएंगे। सरकार का दावा है कि सभी जिलों के गौठानों में महिला समूहों द्वारा वर्मी कम्पोस्ट खाद भी बनाया जा रहा है।