Chandrayaan-3: भारतीय अंतरिक्ष एजेंजी(इसरो) का बहुप्रतीक्षित चंद्रयान-3 मिशन 23 अगस्त की शाम छह बजकर चार मिनट चांद की सतह पर उतरेगा। चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान-3 लैंड करेगा, जो दुनियाभर के वैज्ञानिकों के लिए अभी तक एक रहस्य है। अगर यहां पर चंद्रयान सफलतापूर्वक उतर जाता है, तो यह भारतीय वैज्ञानिकों के लिए बड़ी कामयाबी होगी। आज हम आपको भारत के 10 वैज्ञानिकों के बारे में बताते हैं, जिनको पूरी दुनिया सलाम करती है।
डॉ एपीजे अब्दुल कलाम
डॉ एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म तमिलनाडु के रामेश्वरम में 15 अक्टूबर 1931 को हुआ था। डॉ एपीजे अब्दुल कलाम को भारत के मिसाइल मैन के नाम से जाना जाता है। कलाम को साल 1997 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। वह साल 1962 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) से जुड़े थे। वह करीब चार दशक तक रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) तथा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन से जुड़े रहे। कलाम की दूसरी बार 1998 में भारत के पोखरान-द्वितीय परमाणु परीक्षण में एक निर्णायक, संगठनात्मक, तकनीकी और राजनीतिक भूमिका थी।