फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chaitra Navratri 2021: जानिए बांग्लादेश में स्थित देवी के शक्तिपीठ का इतिहास, जहां प्रधानमंत्री मोदी ने भी की थी खास पूजा

Mon, 19 Apr 2021 05:04 PM IST
संकल्प सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
यशोरेश्वरी काली मंदिर - फोटो : ANI
यशोरेश्वरी काली मंदिर माता के 51 शक्ति पीठों में से एक है। यह बांग्लादेश में स्थित है। यहां हर वर्ष भारत से हजारों श्रद्धालु माता के दर्शन करने आते हैं। यह बांग्लादेश के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। बीते महीने हमारे प्रधानमंत्री दो दिवसीय बांग्लादेश के दौरे पर जब गए थे। उस वक्त वह माता का दर्शन करने यहां पहुंचे थे। आज हम इसी यशोरेश्वरी काली मंदिर के इतिहास के बारे में जानेंगे। 
 
विज्ञापन

2 of 5
यशोरेश्वरी काली मंदिर - फोटो : ANI
हिंदू पौराणिक ग्रंथों की मानें तो दक्ष प्रजापति ने एक बहुत बड़े महायज्ञ का आयोजन किया था। इस महायज्ञ में उनकी पुत्री सती भी शामिल होना चाहती थी। इससे पहले माता सती ने अपने पिता प्रजापति दक्ष की आज्ञा के बिना भगवान शिव से शादी की थी। इस कारण प्रजापति दक्ष उनसे नाराज थे। माता सती और भगवान शिव को इस यज्ञ में आने का निमंत्रण नहीं दिया गया था। इसके बावजूद माता सती ने भगवान शिव से जिद्द किया और प्रजापति दक्ष के इस यज्ञ में पहुंची।
 
विज्ञापन

3 of 5
भगवान शिव - फोटो : Social media
वहां पर प्रजापति दक्ष ने माता सती का अपमान किया। इस अपमान से माता इतनी ज्यादा आहत हुईं कि उन्होंने जलते हुए अग्नि कुण्ड में अपने आप को भस्म कर लिया। भगवान शिव को जैसे ही इसके बारे में पता चला वह माता के शरीर को लेकर विलाप करते हुए घूमने लगे। इसे देख भगवान विष्णु ने माता सती के शरीर को अपने सुदर्शन चक्र से काट दिया। इसके बाद माता सती के शरीर के कई सारे हिस्से भारत के विभिन्न भागों में आकर नीचे गिरे। जहां-जहां ये हिस्से गिरे बाद में वहां-वहां शक्ति पीठ का निर्माण हुआ। 
 

4 of 5
यशोरेश्वरी काली मंदिर - फोटो : Social media
वहीं यशोरेश्वरी काली मंदिर के विषय में कहा जाता है कि यहां पर माता के बाईं हाथ की हथेली का निपात हुआ था। मान्यता है कि बांग्लादेश का यशोरेश्वरी काली माता का मंदिर 400 साल से भी ज्यादा पुराना है। यह भी कहा जाता है कि अपने शुरुआती दिनों में यह मंदिर काफी भव्य था। बाद में मुगलों ने इसे खंडित कर दिया। इसके कई सालों बाद लक्ष्मण सेन और प्रपाद आदित्य ने इसको फिर से नई रूपरेखा दी। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
यशोरेश्वरी काली मंदिर - फोटो : Social media
हाल में पिछले महीने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बांग्लादेश में दो दिवसीय दौरे पर गए थे। इस दौरान वह माता के दर्शन करने यशोरेश्वरी मंदिर भी गए। वीडियो में आप देख सकते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाथ जोड़कर माता की प्रर्थाना कर रहे हैं। 


देखिए वीडियो
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें